Enter your Email Address to subscribe to our newsletters


जांजगीर-चांपा, 20 जुलाई (हि. स.)। जिले में लगातार हो रही बारिश और संभावित आपदा की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक लेकर सभी विभागों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी अधिकारी मुख्यालय में उपस्थित रहें, पूरी तरह प्रो-एक्टिव होकर कार्य करें और किसी भी शिकायत या आपदा की सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। साथ ही सभी अनुविभागीय स्तर की टीमों को भी सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए।
बैठक में कलेक्टर ने बारिश से हुए नुकसान की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का स्वयं फील्ड निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने आरबी 6-4 के अंतर्गत प्रकरणों, फसल क्षति, मकान नुकसान और पशुहानि की अद्यतन जानकारी लेकर पात्र हितग्राहियों को नियमानुसार शीघ्र राहत राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा क्षतिग्रस्त सड़कों, पुल और पुलियों की मरम्मत के लिए संबंधित विभागों को तत्काल प्रस्ताव तैयार कर भेजने को कहा।
कलेक्टर ने राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जहां भी राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं, वहां राशन, पेयजल, भोजन, स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं ताकि प्रभावित लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बैठक में शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और स्थानीय निकायों को विशेष निर्देश देते हुए कलेक्टर ने कहा कि जिन स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में बारिश का पानी भर गया है, वहां किसी भी स्थिति में संचालन नहीं किया जाए। संबंधित ग्राम पंचायत और नगरीय निकाय तत्काल पानी निकासी की व्यवस्था करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि यदि पढ़ाई प्रभावित होती है तो अतिरिक्त कक्षाएं लगाकर बच्चों का पाठ्यक्रम समय पर पूरा कराया जाए।
कलेक्टर ने जर्जर भवनों में स्कूल या आंगनबाड़ी संचालन पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि स्कूल और आंगनबाड़ी भवनों में सीपेज, निर्माण संबंधी गड़बड़ी या मरम्मत में लापरवाही की शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शहरी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नगर पालिका अधिकारियों को ड्रेनेज व्यवस्था मजबूत करने और नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं विद्युत विभाग को बिजली आपूर्ति बाधित होने या अन्य शिकायतों पर तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए समयबद्ध समाधान करने तथा स्वास्थ्य विभाग को मौसमी बीमारियों की रोकथाम, आवश्यक दवाइयों और स्वास्थ्य टीमों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने सभी अधिकारी-कर्मचारियों को समय पर कार्यालय पहुंचने और प्रतिदिन अनिवार्य रूप से ई-अटेंडेंस दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक श्रमिकों तक पहुंचाने के लिए श्रमिकों का ई-केवाईसी अभियान चलाकर इसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
इसके अलावा बैठक में वृक्षारोपण अभियान, 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित विभागों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार पोयाम, अपर कलेक्टर ज्ञानेन्द्र सिंह ठाकुर, आर.के. तम्बोली, स्निग्धा तिवारी, संयुक्त कलेक्टर संदीप ठाकुर सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार/लालिमा शुक्ला पुरोहित
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / LALIMA SHUKLA PUROHIT