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तेहरान/वॉशिंगटन, 19 जुलाई (हि.स.)। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के आदेश पर अमेरिकी सेना ने शनिवार को लगातार आठवीं रात ईरान पर हवाई हमले किए। यह कार्रवाई जॉर्डन में एक अमेरिकी सैन्य बेस पर हुए ईरानी हमले का जवाब है, जिसमें दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई थी।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सिटकॉम) की तरफ से एक्स पर साझा किए गए संदेश में बताया गया है कि आज शाम 6 बजे कमांडर-इन-चीफ़ के आदेश पर अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ नए हवाई हमले शुरू किए। इन हमलों का मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य में कमर्शियल शिपिंग के लिए बाधक बने ईरान की क्षमता को और कम करना है। साथ ही इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) बलों को सजा देना है जिन्होंने कल रात जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों पर हमले किए।
ताजा हमले में अमेरिका ने लड़ाकू विमानों और मिसाइलों से दक्षिणी ईरान के तटीय शहर सिरीक, हाजीआबाद, बंदर अब्बास और केश्म द्वीप के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इससे पहले अमेरिका ने ईरान में लगातार हमले कर पिछले कुछ दिनों में ईरान के कई पुल, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, बिजली ग्रिड और एक वॉटर प्लांट को तबाह कर दिया।
ईरान ने भी अमेरिकी हमले के खिलाफ पलटवार किया करते हुए खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान की सेना ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और पांचवें बेड़े के कमांड सेंटरों पर ड्रोन व बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। इराक के इरबिल शहर स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास ने हवाई हमलों से बचने के लिए अपने एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय किया है।
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि 27 जून से 18 जुलाई के बीच अमेरिकी हवाई हमलों में 50 लोगों की मौत हुई है, जबकि 500 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव पाश