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सुपौल, 19 जुलाई (हि.स.)। जिले के पिपरा प्रखंड के महेशपुर पंचायत अंतर्गत चिलकापट्टी गांव में तिलावे नदी के जलजमाव से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जल निकासी नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में कृषि भूमि पानी में डूब गई है, जिससे धान समेत अन्य फसलें बर्बाद होने लगी हैं।
किसानों ने आर्थिक नुकसान और खेती पर मंडराते संकट को लेकर जनप्रतिनिधियों से हस्तक्षेप की मांग की है।
समस्या की जानकारी मिलने पर पिपरा विधायक एवं बिहार विधानसभा में सत्तारूढ़ दल के सचेतक रामविलास कामत ने रविवार को चिलकापट्टी गांव पहुंचकर प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने खेतों में भरे पानी की स्थिति देखी और किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं।
ग्रामीणों ने बताया कि लंबे समय से जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण हर वर्ष खेती प्रभावित होती है और इस बार भी धान की फसल बर्बाद होने की कगार पर है।
निरीक्षण के दौरान विधायक ने कहा कि किसानों की समस्या गंभीर है और इसका त्वरित समाधान आवश्यक है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सिंचाई विभाग सहित संबंधित अधिकारियों से तत्काल बातचीत कर जल निकासी की व्यवस्था कराई जाएगी। साथ ही फसल क्षति का आकलन कराकर सरकार से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
विधायक रामविलास कामत ने कहा कि तिलावे नदी से जुड़ी जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए सिंचाई विभाग के साथ समन्वय कर ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी, ताकि भविष्य में किसानों को ऐसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
मौके पर पंचायत प्रतिनिधि, स्थानीय जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण मौजूद रहे। किसानों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रयास से जल्द ही जल निकासी की व्यवस्था होगी और उन्हें राहत मिलेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र