Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

सुपौल, 19 जुलाई (हि.स.)। सुपौल-नेमुआ मुख्य सड़क की बदहाल स्थिति राहगीरों के लिए लगातार परेशानी और खतरे का कारण बनी हुई है। सड़क पर कई स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे बन जाने से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द मरम्मत नहीं कराई गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। जानकारी के अनुसार सुपौल सदर से करीब तीन से पांच किलोमीटर के बीच सड़क पर गहरे गड्ढे बन गए हैं। इन गड्ढों में फंसकर कई बार ई-रिक्शा और मोटरसाइकिल चालक दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं। चार पहिया वाहनों को भी इस मार्ग से गुजरने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
बरसात के दिनों में गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है, जिससे दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है। यह सड़क केवल सुपौल और नेमुआ को ही नहीं जोड़ती, बल्कि बकौर, बसबिट्टी, रामदत्तपट्टी, तेलवा समेत कई गांवों के हजारों लोगों के लिए आवागमन का प्रमुख और लगभग एकमात्र मार्ग है।
प्रतिदिन इस सड़क से स्कूली बच्चे, मरीज, किसान, व्यापारी और नौकरीपेशा लोग आवागमन करते हैं। खराब सड़क के कारण लोगों को रोजाना परेशानी उठानी पड़ रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई।
ग्रामीणों ने सड़क की शीघ्र मरम्मत कराने और गड्ढों को भरने की मांग की है ताकि संभावित बड़े हादसों को रोका जा सके।
इस संबंध में निर्माण कार्य से जुड़े संवेदक ने बताया कि विभाग की ओर से भुगतान नहीं होने के कारण सड़क निर्माण एवं मरम्मत का कार्य फिलहाल बंद कर दिया गया है। भुगतान मिलने के बाद ही आगे का कार्य शुरू किया जाएगा।
इधर स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और पथ निर्माण विभाग से अविलंब हस्तक्षेप कर सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सड़क की स्थिति नहीं सुधारी गई तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र