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लखनऊ, 19 जुलाई (हि.स.)। अपना जीवन दांव पर लगाकर आमजन की सुरक्षा करने वाले एसडीआरएफ, पीएसी व अग्निशमन सेवा के कार्मिकों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को राज्य आपदा प्रबंधन के मुख्यालय के लोकार्पण के अवसर पर पुरस्कृत किया। मुख्यमंत्री योगी ने मंच से कहा कि आपदा प्रबंधन के लिए धनराशि की कमी नहीं है। आने वाले समय में सभी विभागों को भी इससे जोड़ेंगे। इसके अलावा जान बचाने वाले नाविकों, मानव-वन्य जीव संघर्ष में जीवन बचाने वाले के बारे में भी सोचना है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने आपदा क्षेत्र में प्रशंसनीय कार्य करने वाले 08 कार्मिकों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री के हाथों इन्हें मिला सम्मान
सुभाष चंद्र मुख्य आरक्षी, 11वीं वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल वाराणसी
(अयोध्या में सरयू नदी में फंसे श्रद्धालुओं की जान बचाई थी।)
शैलेंद्र कुमार आरक्षी, 11वीं वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल वाराणसी
(लखनऊ में हुए अग्निकांड के दौरान बहुमंजिला भवन में फंसे नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला)
लालचंद्र यादव (डी दल) टीम प्रभारी (निरीक्षक), राज्य आपदा मोचन बल उत्तर प्रदेश (आपदा प्रबंधन अभियानों में टीम का साहसिक नेतृत्व)
नर्वदेश्वर (डी दल) प्लाटून कमांडर, राज्य आपदा मोचन बल उत्तर प्रदेश
(जीरो ग्राउंड ऑपरेशन के दौरान टीम प्रभारी की रणनीतियों को धरातल पर लागू किया)
महेंद्र यादव व रामजग कुमार मुख्य आरक्षी/आरक्षी, 32वीं वाहिनी पीएसी
(प्रयागराज के अरैल घाट पर यमुना में डूब रही बच्ची को रेस्क्यू कर सुरक्षित बचाया)
योगेंद्र प्रसाद चौरसिया अग्निशमन अधिकारी, अग्निशमन विभाग
(नोएडा की गारमेंट कंपनी में लगी आग को सूझबूझ से फैलने से रोका)
अशोक कुमार फायरमैन, अग्निशमन विभाग
(अलीगंज, लखनऊ में हुए अग्निकांड में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, स्वयं घायल होने के बावजूद अदम्य साहस का परिचय दिया)।
हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन