वीरपुर के राजकीय प्लस टू हाई स्कूल को मिला 'सरस्वती विद्या निकेतन' का दर्जा, मुख्यमंत्री ने किया वर्चुअल उद्घाटन
सुपौल, 19 जुलाई (हि.स.)। बिहार सरकार की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में रविवार को एक महत्वपूर्ण पहल की गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के 551 मॉडल स्कूलों का वर्चुअल उद्घाटन किया। इसी क्रम में वीरपुर स्थित राजकी
Inauguration


सुपौल, 19 जुलाई (हि.स.)। बिहार सरकार की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में रविवार को एक महत्वपूर्ण पहल की गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के 551 मॉडल स्कूलों का वर्चुअल उद्घाटन किया।

इसी क्रम में वीरपुर स्थित राजकीय प्लस टू हाई स्कूल को 'सरस्वती विद्या निकेतन' का दर्जा प्राप्त हुआ। इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों और बेहतर शिक्षण व्यवस्था का लाभ मिलेगा।

विद्यालय परिसर में आयोजित उद्घाटन समारोह का शुभारंभ बसंतपुर प्रखंड विकास पदाधिकारी सुजीत कुमार मिश्रा, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अनीता कुमारी, नगर पंचायत के मुख्य पार्षद सुशील कुमार, थानाध्यक्ष संजय दास, विद्यालय के प्रधानाध्यापक तपेश्वर यादव, कैप्टन दिलीप यादव एवं मदन देव ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक, अभिभावक तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।वर्चुअल संबोधन में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि मॉडल स्कूलों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी शहरों के समान आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।

इन विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, आधुनिक प्रयोगशालाएं, डिजिटल शिक्षण संसाधन तथा बेहतर शैक्षणिक वातावरण विकसित किया जाएगा, जिससे छात्रों की प्रतिभा को निखारने का अवसर मिलेगा।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षकों, एनसीसी कैडेट्स, छात्र-छात्राओं और अभिभावकों ने मुख्यमंत्री का संबोधन सुना। सभी ने सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए विश्वास जताया कि विद्यालय को 'सरस्वती विद्या निकेतन' का दर्जा मिलने से शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा और विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धी माहौल में बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।

विद्यालय के मॉडल स्कूल के रूप में विकसित होने से वीरपुर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा। स्थानीय लोगों ने इसे क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र