नई औद्योगिक नीति में सस्ती बिजली का वादा, मुख्यमंत्री सुक्खू ने निवेशकों को हिमाचल आने का दिया न्योता
शिमला, 19 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश सरकार नई औद्योगिक नीति लाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि इस नीति में उद्योगों के लिए बिजली की दरें कम रखने का प्रावधान किया जाएगा, जिससे राज्य में निवेश बढ़े। उन्होंने निवेशक
मुख्यमंत्री


शिमला, 19 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश सरकार नई औद्योगिक नीति लाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि इस नीति में उद्योगों के लिए बिजली की दरें कम रखने का प्रावधान किया जाएगा, जिससे राज्य में निवेश बढ़े। उन्होंने निवेशकों से हिमाचल प्रदेश में उद्योग लगाने का आह्वान करते हुए कहा कि राज्य निवेश के लिए देश के सबसे उपयुक्त स्थानों में से एक है और सरकार उद्योगों को हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री शनिवार देर शाम चंडीगढ़ में आयोजित चंडीगढ़ लीडरशिप कॉन्क्लेव और टाई (द इंडस एंटरप्रेन्योर्स) चंडीगढ़ की 23वीं वार्षिक आम बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में चौबीसों घंटे बिजली उपलब्ध है। राज्य सरकार नई औद्योगिक नीति के माध्यम से निवेश को बढ़ावा देने के लिए बिजली की दरों में राहत देने जा रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में हिमाचल प्रदेश हरित हाइड्रोजन उत्पादन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनने की दिशा में काम कर रहा है। स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बायोचार संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। किन्नौर जिले में भू-तापीय ऊर्जा परियोजना भी स्थापित की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश बिजली उत्पादन के मामले में अधिशेष राज्य है। इसी कारण पंजाब के साथ तीन वर्ष के बिजली खरीद समझौते (पीपीए) पर हस्ताक्षर किए जा रहे हैं। उन्होंने पंजाब को हिमाचल का बड़ा भाई बताते हुए कहा कि दोनों राज्यों के बीच लंबे समय से अच्छे संबंध हैं और भविष्य में भी हिमाचल पंजाब को बिजली की आपूर्ति करता रहेगा।

उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के लिए भी हिमाचल प्रदेश अनुकूल वातावरण प्रदान करता है। राज्य सरकार डेटा स्टोरेज से जुड़ा बुनियादी ढांचा विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। सोलन जिले के कंडाघाट में आईटी पार्क विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने से पहले प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों से राज्य को करीब चार हजार करोड़ रुपये का राजस्व मिलता था, जो जीएसटी लागू होने के बाद घटकर लगभग 150 से 200 करोड़ रुपये रह गया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर अपनी औद्योगिक नीतियों में बदलाव कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं का असर केवल हिमाचल प्रदेश ही नहीं, देश के अन्य राज्यों में भी देखने को मिल रहा है। ग्लोबल वार्मिंग के कारण बादल फटने जैसी घटनाएं बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान भी हिमाचल प्रदेश पर्यटकों के लिए सुरक्षित है। लोगों को केवल नदियों और खड्डों से दूरी बनाए रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान प्रदेश में लगभग 75 लाख लोग सामान्य रूप से रह रहे हैं। ऐसे में पर्यटक बिना किसी डर के हिमाचल आ सकते हैं।

सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश चंडीगढ़ में अपने 7.19 प्रतिशत हिस्से को हासिल करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है और इस संबंध में बातचीत जारी है। उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ से बद्दी तक रेलवे लाइन विकसित की जा रही है। भूमि अधिग्रहण और निर्माण लागत का 50 प्रतिशत हिस्सा हिमाचल सरकार वहन कर रही है। अगले तीन वर्षों में इस परियोजना के पूरा होने की उम्मीद है, जिससे बद्दी और नालागढ़ के उद्योगों को लाभ मिलेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा