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मंदसौर, 19 जुलाई (हि.स.)। श्री आर्यरक्षित सूरि जैन तीर्थ धाम ट्रस्ट और मंदसौर जैन श्रीसंघ के आमंत्रण पर परम पूज्य आचार्य श्री अशोक सागर सूरिश्वरजी महाराज का चातुर्मास (वर्षावास) के लिए रविवार को श्री आर्यरक्षित जैन तीर्थ धाम में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। उनके साथ चार अन्य आचार्यों, संतों और साध्वियों का भी विधिवत स्वागत किया गया। इस अवसर पर शहर में विशाल चल समारोह निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
भव्य शोभायात्रा से गूंजा शहर
चातुर्मास प्रवेश के उपलक्ष्य में माहेश्वरी धर्मशाला, नयापुरा रोड से भव्य सामैया (प्रवेश शोभायात्रा) निकाली गई। यह शोभायात्रा कालाखेत रोड, सदर बाजार, मंडी गेट और पशुपतिनाथ मंदिर मार्ग से होते हुए चंद्रपुरा स्थित श्री आर्यरक्षित जैन तीर्थ धाम पहुंची। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने जयकारों और भक्ति गीतों के साथ संतों का स्वागत किया।
35 महिला मंडलों ने बढ़ाई शोभा
शोभायात्रा में मंदसौर एवं आसपास के क्षेत्रों के 35 महिला मंडलों ने पारंपरिक वेशभूषा में भाग लिया। महिलाओं ने हाथों में जैन ध्वज और अष्टमंगल के प्रतीक धारण कर भगवान महावीर एवं आचार्यश्री के जयघोष किए। उनकी सहभागिता ने आयोजन को और अधिक आकर्षक बना दिया।
ढोल-नगाड़े और पेशवाई बनी आकर्षण का केंद्र
गुजरात के दाहोद से आए ढोल वादकों, जय जिनेन्द्र बैंड, जयपुर की सांस्कृतिक नृत्य टीम तथा पारंपरिक पेशवाई ने शोभायात्रा की भव्यता बढ़ाई। प्रमुख चौराहों पर बनाई गई रंगोलियां भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। बग्गी में खमेसरा परिवार के सदस्य नवकार महामंत्र की तस्वीर लेकर शामिल हुए।
धर्मसभा में उमड़े श्रद्धालु
श्री आर्यरक्षित जैन तीर्थ धाम पहुंचने के बाद विशाल धर्मसभा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इंदौर के संगीतकार अरविंद चौपड़ा ने भक्तिमय प्रस्तुतियां देकर वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया।
धर्मसभा के पश्चात स्वर्गीय कुशालचंद बापूलाल खमेसरा की स्मृति में धर्मेंद्र खमेसरा एवं चेतन खमेसरा परिवार द्वारा सहधर्मी स्वामीवात्सल्य (भोजन प्रसादी) का आयोजन किया गया।
इन संतों का भी हुआ चातुर्मास प्रवेश
आचार्य श्री अशोक सागर सूरिश्वरजी के साथ आचार्य सागरचंद्र सागर सूरिश्वरजी, सौम्यचंद्र सागरजी, विवेकचंद्र सागर सूरिश्वरजी, तीर्थचंद्र सागरजी, प्रवर्तक धैर्यचंद्र सागरजी, गणिवर्य मोक्षचंद्र सागरजी, सहित कुल 11 संत एवं साध्वी शीलरेखाश्रीजी सहित नौ साध्वियों का भी चातुर्मास के लिए मंगल प्रवेश हुआ। सभी संत-साध्वी आगामी चार माह तक श्री आर्यरक्षित जैन तीर्थ धाम में प्रवास करेंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / अशोक झलोया