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कुल्लू, 14 जुलाई (हि.स.)। पार्वती घाटी की जर्जर सड़कों और प्रशासनिक अनदेखी के खिलाफ मंगलवार को घाटी के सैकड़ों लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। विभिन्न पंचायतों के लोगों ने कुल्लू जिला मुख्यालय पहुंचकर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी पहले ढालपुर चौक पर एकत्र हुए, जहां उन्होंने नारेबाजी की। इसके बाद रैली के रूप में उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर धरना दिया और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि भुंतर से मणीकर्ण, बरशैणी और तोष तक जाने वाला मुख्य मार्ग बेहद खराब स्थिति में है। उनका आरोप था कि सड़क पर गड्ढों की भरमार है, जिससे आम लोगों, पर्यटकों और किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि फल और सब्जियों का सीजन शुरू होने वाला है। यदि सड़क की हालत जल्द नहीं सुधरी तो किसानों और बागवानों की उपज समय पर मंडियों तक नहीं पहुंच पाएगी, जिससे आर्थिक नुकसान होगा। पर्यटन कारोबार भी सड़क की बदहाली से प्रभावित हो रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि लाडा और साडा के माध्यम से सरकार को क्षेत्र से करोड़ों रुपये का राजस्व मिलता है, लेकिन इसके बावजूद सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं के सुधार के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
उपायुक्त के माध्यम से सरकार को सौंपे गए ज्ञापन में भुंतर-मणीकर्ण-बरशैणी-तोष मार्ग का शीघ्र सुदृढ़ीकरण, पूरे मार्ग पर क्रैश बैरियर और पैरापेट लगाने, संकरी जगहों का चौड़ीकरण कर डबल लेन बनाने, सभी लिंक रोड की प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत, स्वीकृत परियोजनाओं पर तत्काल कार्य शुरू करने, बंद पड़ी बस सेवाओं को बहाल करने तथा जरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार की मांग की गई।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे चंद्रमणि तोषी, पूर्व जिला परिषद सदस्य रेखा गुलेरिया, नरोतम ठाकुर, वृजेन्द्र शर्मा, तरुण सोनी और अमन सूद सहित अन्य वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि 25 दिनों के भीतर मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो पार्वती घाटी की जनता पूरे क्षेत्र में 'चक्का जाम' आंदोलन शुरू करेगी, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी
हिन्दुस्थान समाचार / जसपाल सिंह