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राजगढ़, 14 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के राजगढ जिले में बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को जीरापुर विकासखंड के ग्राम धतुरिया से दस्तक अभियान का शुभारंभ हुआ। कलेक्टर डॉ. गिरीशकुमार मिश्रा ने बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाकर अभियान की शुरुआत की।
इसके बाद उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं का मौके पर गहन निरीक्षण किया और लापरवाही मिलने पर अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने एएनसी पंजीयन, लक्ष्य दंपत्ति पंजीयन, आशा और एएनएम के रिकॉर्ड, विवाह पंजीयन, दस्तक अभियान की ड्यू लिस्ट तथा जिंक और ओआरएस की उपलब्धता की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग, पंचायत विभाग के अधिकारियों और ग्रामीणों से चर्चा कर स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति जानी तथा अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।
इसके बाद कलेक्टर ने रामगढ़ सहित अन्य क्षेत्रों का भी निरीक्षण किया। एएनसी पंजीयन में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर उन्होंने एएनएम हेमलता वर्मा और कृष्णा कुम्भकार की एक-एक वेतन वृद्धि रोकने, आशा सुपरवाइजर सीमा दांगी की प्रोत्साहन राशि रोकने तथा आंगनवाड़ी पर्यवेक्षक दिलेश्वरी को निलंबित करने के निर्देश दिए। वहीं सीडीपीओ ममता वर्मा को तीन दिन के भीतर एएनसी सर्वे पूरा कर प्रगति लाने के निर्देश दिए। समय पर सुधार नहीं होने पर निलंबन की चेतावनी भी दी गई। इसके अलावा अनुपस्थित आउटसोर्स कर्मचारी महेंद्र गुर्जर की सेवा समाप्त करने तथा उप स्वास्थ्य केंद्र खेजड़िया के सीएचओ हरीश लोधा, खारपा के सीएचओ रोशन सिंह गुर्जर, धतुरिया की एएनएम संगीता मालवीय और सीएचओ मनीष मालवीय का तीन-तीन दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दस्तक अभियान के सभी लक्ष्य समयसीमा में पूरे किए जाएं और प्रत्येक पात्र हितग्राही तक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ हर हाल में पहुंचाया जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक