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अमेरिका से लौटे रायबरेली के इंजीनियर ने बदल दी मछली पालन की तस्वीर
रायबरेली में 10 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित हुआ मत्स्य उत्पादन केंद्र
फिश हब और प्रशिक्षण केंद्र से युवाओं के लिए खुलेंगे नए अवसर
रायबरेली ,14 जुलाई (हि.स.)। युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने प्रभावी पहल उत्तर प्रदेश में दिखाई दे रही है। योगी सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं को वास्तविक रूप से धरातल पर उतारा जा रहा है, जिसका सकारात्मक प्रभाव जमीनी स्तर पर दिखाई देता है। सरकार की नीतियों और योजनाओं की वजह से युवा अब रोजगार सृजित करने वाले बन रहे हैं।
रायबरेली के कई युवाओं ने ऐसी ही पहल की है। मत्स्य पालन के क्षेत्र में काम कर रहे सुजीत चौधरी ने योगी सरकार के इस विजन को धरातल पर उतारा है।मूल रूप से बस्ती जिले के निवासी सुजीत चौधरी ने 2005 में बीटेक की पढ़ाई पूरी और बाद में एक कंपनी के साथ जुड़ गए। साल 2007 में उन्हें कंपनी ने अमेरिका भेजा, जहां उन्होंने लगभग नौ वर्षों तक कार्य किया। उन्होंने बताया कि साल 2016 में वे भारत लौटे और नोएडा में एक सॉफ्टवेयर की शुरूआत की। कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र में कृषि आधारित उद्यम शुरू करने की दिशा में निर्णय लिया। इसी दौरान उन्होंने मत्स्य पालन क्षेत्र में निवेश करने का फैसला किया।
50 से ज्यादा किसानों को साथ जोड़कर कर रहे मत्स्य पालनरायबरेली के महराजगंज तहसील में मतस्य पालन कर रहे इंजीनियर सुजीत ने बताया कि उन्होंने साल 2019 में गांव बल्ला में लगभग 10 हेक्टेयर भूमि लीज पर लेकर मत्स्य पालन की शुरुआत की थी। वर्तमान में वे इस क्षेत्र में 23 तालाबों के माध्यम से व्यावसायिक स्तर पर मछली उत्पादन कर रहे हैं। प्रतिवर्ष लगभग 500 से 600 टन मछली का उत्पादन और विपणन किया जाता है। उन्होंने बताया कि वे 50 से ज्यादा किसानों को साथ जोड़कर मत्स्य पालन से खुद के साथ- साथ दूसरों की भी आमदनी को बढ़ाने में जुटे हैं। सुजीत ने बिचौलियों से दूरी बनाकर खुद ही सीधे ग्राहकों से जुड़कर अपना कारोबार बढ़ाया है। वे खारे पानी में होने वाली समुद्री झींगा मछली का भी उत्पादन कर रहे हैं।
फिश हब और प्रशिक्षण केंद्र से युवाओं के लिए खुलेंगे नए अवसर
मत्स्य क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए संचालित प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत वर्ष 2021 में उन्हें 8.50 लाख रुपये का अनुदान भी प्राप्त हुआ। इस सहायता ने उनके उद्यम के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अब वह इसी क्षेत्र में एक फिश हब स्थापित करने की योजना पर काम कर रहे हैं। प्रस्तावित फिश हब में आधुनिक सुविधाओं के साथ प्रयोगशाला और मत्स्य पालन से संबंधित प्रशिक्षण व्यवस्था विकसित करने का लक्ष्य है, जिससे स्थानीय युवाओं को कौशल विकास और स्वरोजगार के अवसर मिल सकें।
महराजगंज क्षेत्र के ही रामचंद्र व शिवगढ़ के शिवम सिंह भी मतस्य पालन क्षेत्र में बेहतरीन काम कर रहे हैं।ये युवा न केवल अब पैसा कमा रहे हैं बल्कि रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
मछलियों का भी होगा बीमा
प्रदेश की योगी सरकार ने अब खेत की फसल के साथ मत्स्य बीमा की भी शुरुआत की है। मतस्य पालकों के लिए फ़िश फार्मर एप बनाया गया है जिसके माध्यम से मछली पालन का बीमा कराया जा सकता है।हर साल टनों मछलियां मर जाती हैं जिनका नुकसान किसानों को उठाना पड़ता था।मत्स्य पालन अधिकारी इरफ़ान ने बताया कि फ़िश फार्मर एप के माध्यम से पंजीकरण करके बीमा लिया जा सकता है।तालाब और प्रजाति के हिसाब से बीमा तय होता है।किसानों के लिए सरकार की यह एक उल्लेखनीय पहल है।
सरकार की ऐसी योजनाएं और इसका ज़मीनी क्रियान्वयन यह दर्शाता है कि सही नीतिगत सहयोग, तकनीकी ज्ञान और उद्यमशीलता के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में भी बड़े स्तर पर आर्थिक गतिविधियां विकसित की जा सकती हैं। यह मॉडल न केवल स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ाने में सहायक है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती प्रदान कर रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / रजनीश पांडे