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धमतरी, 14 जुलाई (हि.स.)। नगर पालिका परिषद कुरुद में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष डुमेश साहू के नेतृत्व में कांग्रेस समर्थित पार्षदों ने मंगलवार को नगर पालिका अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। पार्षदों ने आरोप लगाया कि परिषद को विश्वास में लिए बिना भूमि आवंटन, अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी करने तथा अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिए जा रहे हैं। साथ ही छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम के तहत सात दिनों के भीतर विशेष सम्मेलन (विशेष सामान्य सभा) बुलाने की मांग की गई।
ज्ञापन में कहा गया कि नगर पालिका परिषद एक निर्वाचित स्थानीय स्वशासी संस्था है और नगर की भूमि, सार्वजनिक संपत्तियों तथा जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों में परिषद की जानकारी व स्वीकृति आवश्यक है। परिषद को दरकिनार कर लिए जा रहे निर्णय न केवल निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के अधिकारों का हनन हैं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की भावना के भी विपरीत हैं। पार्षदों ने विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं को भूमि आवंटन, पशु चिकित्सालय, स्वामी आत्मानंद विद्यालय, राजनीतिक दलों और अन्य संस्थाओं को जारी किए गए अनापत्ति प्रमाण पत्र, परिषद की अनुमति के बिना किए गए पत्राचार तथा सीएमओ की कार्यप्रणाली की जांच को विशेष सम्मेलन के एजेंडे में शामिल करने की मांग की। साथ ही पूरे मामले की संभाग आयुक्त स्तर से निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग रखी गई।
नेता प्रतिपक्ष डुमेश साहू ने कहा कि परिषद जनता द्वारा चुनी गई सर्वोच्च संस्था है और उसके अधिकारों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि सात दिनों के भीतर विशेष सम्मेलन नहीं बुलाया गया तो सभी निर्वाचित पार्षद लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आगे की रणनीति तय करेंगे। उपाध्यक्ष देवव्रत साहू, वरिष्ठ पार्षद रजत चंद्राकर, मनीष साहू, पार्षद उत्तम साहू सहित अन्य पार्षदों ने भी नगर हित, पारदर्शिता और परिषद की गरिमा बनाए रखने के लिए सभी निर्णय परिषद की स्वीकृति से लेने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग दोहराई। ज्ञापन सौंपने के दौरान अर्जुन ध्रुव, राखी तपन चंद्राकर, मंजू प्रमोद साहू और उर्वशी चंद्राकर सहित कई पार्षद मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा