स्कूली पाठ्यपुस्तक त्रुटि मामले में पूर्व एससीईआरटी निदेशक मनोज पाढ़ी गिरफ्तार
भुवनेश्वर, 14 जुलाई (हि.स.)। ओडिशा क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के पूर्व निदेशक मनोज पाढ़ी को कक्षा एक से आठ तक की स्कूली पाठ्यपुस्तकों के निर्माण, अनुमोदन और प्रकाशन में कथित अनियमितताओं के माम
स्कूली पाठ्यपुस्तक त्रुटि मामले में पूर्व एससीईआरटी निदेशक मनोज पाढ़ी गिरफ्तार


भुवनेश्वर, 14 जुलाई (हि.स.)। ओडिशा क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के पूर्व निदेशक मनोज पाढ़ी को कक्षा एक से आठ तक की स्कूली पाठ्यपुस्तकों के निर्माण, अनुमोदन और प्रकाशन में कथित अनियमितताओं के मामले में पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिए है।

क्रांइम ब्रांच ने पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पाढ़ी गिरफ्तार किया। इस मामले में क्राइम ब्रांच ने सोमवार को राज्यभर में कक्षा एक से आठ तक की पाठ्यपुस्तकों के निर्माण, अनुमोदन और प्रकाशन में कथित अनियमितताओं को लेकर मामला दर्ज किया था। यह मामला वर्तमान एससीईआरटी निदेशक मधुस्मिता साहू की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 316(5), 201, 3(5) और 61(2) के तहत दर्ज किया गया है। मामले की जांच डीएसपी नरेंद्र कुमार बेहरा जांच अधिकारी (आईओ) के रूप में कर रहे हैं। जांच क्राइम ब्रांच के पुलिस अधीक्षक की निगरानी में संचालित की जा रही है।

यह कार्रवाई राज्य सरकार की उस जांच रिपोर्ट के बाद की गई, जिसमें स्कूली पाठ्यपुस्तकों में बड़े पैमाने पर त्रुटियों का खुलासा हुआ था। पिछले महीने राज्य सरकार ने विकास आयुक्त डी.के. सिंह की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की थी। समिति की जांच में विभिन्न विषयों की पाठ्यपुस्तकों में 1,678 तथ्यात्मक, मुद्रण तथा टंकण संबंधी त्रुटियां सामने आई थीं।

समिति की रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार ने पूर्व एससीईआरटी निदेशक मनोज पाढ़ी सहित एससीईआरटी के तीन सहायक निदेशकों को निलंबित कर दिया था। फिलहाल क्राइम ब्रांच पाठ्यपुस्तकों के मसौदा तैयार करने, जांच, अनुमोदन और मुद्रण प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की विस्तृत जांच कर रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता महंतो