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नई दिल्ली, 14 जुलाई (हि.स.)। भारत की स्टार पिस्टल निशानेबाज और एशियन गेम्स की स्वर्ण पदक विजेता राही सरनोबत ने कहा है कि मौजूदा समय में भारतीय राष्ट्रीय टीम में जगह बनाना दुनिया की सबसे कठिन चुनौतियों में से एक है। उन्होंने कहा कि घरेलू चयन ट्रायल इतने प्रतिस्पर्धी हो चुके हैं कि हर खिलाड़ी को हर दिन अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना पड़ता है।
हाल ही में महिलाओं की 25 मीटर स्पोर्ट्स पिस्टल स्पर्धा के टी-4 राष्ट्रीय चयन ट्रायल में शीर्ष स्थान हासिल करने वाली राही अब चीन में होने वाले ISSF विश्व कप और एशियन गेम्स की तैयारियों में जुटी हैं। राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर के दौरान उन्होंने कहा कि चयन ट्रायल में दबाव के बीच अपनी प्रक्रिया पर भरोसा बनाए रखना ही उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि रही।
राही ने कहा, राष्ट्रीय टीम में जगह बनाना कभी आसान नहीं होता, क्योंकि भारत के घरेलू ट्रायल बेहद प्रतिस्पर्धी हैं। स्कोर से ज्यादा खुशी इस बात की है कि मैंने दबाव में भी अपनी प्रक्रिया का सही तरीके से पालन किया। इससे विश्वास मिला कि पिछले कुछ महीनों की मेहनत सही दिशा में जा रही है। अब लक्ष्य इसी निरंतरता को बनाए रखना है।
राही ने भारतीय महिला 25 मीटर पिस्टल टीम को अनुभव और युवा प्रतिभा का बेहतरीन मिश्रण बताया। उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ी टीम में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास लेकर आते हैं, जबकि अनुभवी खिलाड़ियों का अनुभव बड़े मुकाबलों के दबाव को संभालने में मदद करता है।
उन्होंने कहा, हर पीढ़ी टीम में कुछ नया लेकर आती है। युवा खिलाड़ियों का उत्साह और निडर सोच टीम को मजबूत बनाती है, जबकि अनुभव कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखना सिखाता है। इतनी प्रतिभाशाली टीम का हिस्सा होना गर्व की बात है।
राही ने माना कि भारत में महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा का प्रतिस्पर्धी स्तर दुनिया के सबसे कठिन स्तरों में शामिल है। उन्होंने कहा कि मनु भाकर और ईशा सिंह जैसी विश्वस्तरीय निशानेबाजों के साथ रोजाना अभ्यास करने से सभी खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहतर होता है।
उन्होंने कहा, भारत में प्रतिस्पर्धा का स्तर ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। जब आप मनु और ईशा जैसी खिलाड़ियों के साथ अभ्यास करते हैं तो हर दिन अपना सर्वश्रेष्ठ देना पड़ता है। इससे सभी खिलाड़ी लगातार बेहतर होते हैं और एक-दूसरे के प्रति सम्मान भी बना रहता है।
राही ने बताया कि वर्षों के अनुभव ने उनके खेल के नजरिये को बदल दिया है। अब वह केवल परिणामों पर नहीं, बल्कि मानसिक स्थिरता और हर शॉट पर पूरा ध्यान देने पर विश्वास करती हैं।
भारतीय शूटक ने कहा कि राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में तकनीकी तैयारी, मैच सिमुलेशन और फिटनेस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उनका लक्ष्य पहले विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करना और फिर उसी लय को एशियन गेम्स तक बनाए रखना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय