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बीजापुर, 14 जुलाई (हि.स.)। भारतीय रिजर्व बैंक के वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत समर्पित संस्था द्वारा आज मंगलवार को बीजापुर में पुनर्वासित युवाओं के लिए वित्तीय साक्षरता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य पुनर्वासित युवाओं को समाज के मुख्यधारा से जोड़ते हुए बैंकिंग सेवाओं, वित्तीय अधिकारों एवं विभिन्न वित्तीय योजनाओं के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम में समर्पितसंस्था के निदेशक सेवक राम सोनवानी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यशाला में बीजापुर के 30 पुनर्वासित प्रतिभागियों ने भाग लिया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए समर्पित संस्था के राज्य निर्देशक एवं मास्टर ट्रेनर हितेश मिश्रा ने कहा कि वित्तीय साक्षरता के माध्यम से व्यक्ति अपनी बचत का बेहतर प्रबंधन कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर एवं सुरक्षित बन सकता है। उन्होंने भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा उपभोक्ताओं के हित में संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए बैंकिंग लोकपाल योजना के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि यदि किसी बैंक द्वारा निर्धारित समय-सीमा में शिकायत का समाधान नहीं किया जाता है, तो उपभोक्ता बैंकिंग लोकपाल के माध्यम से त्वरित न्याय प्राप्त कर सकते हैं।
समर्पित संस्था के अध्यक्ष डॉ. संदीप शर्मा ने कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों से अपनी बचत सुरक्षित रखने के लिए बैंकों को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने माइक्रोफाइनेंस एवं चिटफंड कंपनियों के प्रति सतर्क रहने तथा निवेश से पूर्व उनके भारतीय रिजर्व बैंक से पंजीकृत होने की जानकारी अवश्य प्राप्त करने की सलाह दी।
कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर हितेश मिश्रा एवं कार्तिक बांधेकर ने बैंक खाता संचालन, बचत योजनाएं, वित्तीय प्रबंधन, केवाईसी प्रक्रिया, बैंक ऋण, जमाकर्ताओं एवं ऋण उपभोक्ताओं के अधिकार, बैंकिंग लोकपाल, चिटफंड कंपनियों एवं गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (हृक्चस्नष्ट) से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। कार्यक्रम के सफल आयोजन में समर्पित संस्था के एम एंड ई ऑफिसर निमेष साहू, सुरेश कुमार कुडिय़ाम, विजयलक्ष्मी मोरला एवं राधा हपका का विशेष योगदान रहा।
हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे