सूरजपुर : ग्राफ्टेड पौधों की खेती से आत्मनिर्भर बन रहीं बिहान की दीदियां, 27 हजार से अधिक पौधों का वितरण
सूरजपुर, 14 जुलाई (हि.स.)।ग्रामीण महिलाओं को आधुनिक खेती से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से आज मंगलवार राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) और प्रदान संस्था के सहयोग से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को ग्राफ्टेड पौधों से सब्जी उत्पादन का प्
कार्यक्रम की तस्वीर।


सूरजपुर, 14 जुलाई (हि.स.)।ग्रामीण महिलाओं को आधुनिक खेती से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से आज मंगलवार राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) और प्रदान संस्था के सहयोग से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को ग्राफ्टेड पौधों से सब्जी उत्पादन का प्रशिक्षण दिया गया। इस पहल से महिलाएं कृषि उद्यमी के रूप में आगे बढ़ रही हैं।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विजेंद्र सिंह पाटले के मार्गदर्शन में जनपद पंचायत सूरजपुर अंतर्गत उमंग महिला क्लस्टर संगठन की स्वयं सहायता समूह की दीदियों को ग्राफ्टेड पौधों से आधुनिक सब्जी खेती की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण ग्राम पंचायत कसलगिरि, झांसी और पोड़ीपा में आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को वैज्ञानिक कृषि पद्धति, ग्राफ्टेड पौधों की तकनीक और बेहतर उत्पादन के तरीकों की जानकारी दी गई। इसका उद्देश्य महिलाओं को पारंपरिक खेती से आगे बढ़ाकर लाभकारी और आधुनिक कृषि से जोड़ना है।

विकासखंड परियोजना प्रबंधक माधुरी भंडारी ने बताया कि प्रशिक्षण के बाद दीदियों को टमाटर और बैंगन के सिजेंटा साहो एवं व्हीएनआर-212 वैरायटी के कुल 27,300 ग्राफ्टेड पौधों का वितरण किया गया। उन्होंने बताया कि ग्राफ्टेड पौधों से उत्पादन और फसल की गुणवत्ता बेहतर होती है। साथ ही इनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता भी अधिक होती है, जिससे किसानों को अधिक आय प्राप्त करने का अवसर मिलता है।

ग्राफ्टेड पौधों की खेती अपनाकर बिहान की दीदियां अब आधुनिक कृषि तकनीक के माध्यम से अपनी आजीविका को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। इस पहल से महिलाओं की आय में वृद्धि के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय