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कानपुर, 14 जुलाई (हि.स.)। आज के समय में वित्तीय साक्षरता केवल एक विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी के लिए आवश्यक जीवन कौशल है। हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ उद्योग जगत की अपेक्षाओं के अनुरूप व्यावहारिक ज्ञान और कौशल प्रदान करना है। यह बातें स्कूल ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट के निदेशक प्रो. सुधांशु पांडया ने मंगलवार को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) में आयोजित 'वित्तीय साक्षरता को जीवन कौशल में बदलना' विषयक विशेष व्याख्यान में कहीं।
विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट द्वारा फिनएक्स के सहयोग से आयोजित विशेष व्याख्यान में विद्यार्थियों को वित्तीय साक्षरता, बचत, निवेश और वित्तीय अनुशासन के महत्व की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का शुभारंभ निदेशक प्रो. सुधांशु पांडया, मुख्य अतिथि फ्रैंकलिन टेम्पलटन इंडिया के बिक्री सक्षमता निदेशक जुजैर तंबावाला, संकायाध्यक्ष प्रो. अंशु यादव, डॉ. विवेक सचान, डॉ. सुदेश श्रीवास्तव और डॉ. नीरज ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
मुख्य वक्ता जुजैर तंबावाला ने कहा कि वित्तीय साक्षरता केवल धन का प्रबंधन करना नहीं, बल्कि भविष्य को सुरक्षित और समृद्ध बनाने वाले विवेकपूर्ण आर्थिक निर्णय लेने की क्षमता है। उन्होंने विद्यार्थियों को म्यूचुअल फंड, चक्रवृद्धि ब्याज, दीर्घकालिक निवेश, जोखिम प्रबंधन और वित्तीय योजना के महत्व को सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाया। साथ ही समय रहते निवेश की आदत विकसित करने और सोच-समझकर आर्थिक निर्णय लेने का आह्वान किया।
इसके बाद मनीष ने कहा कि वित्तीय साक्षरता और अनुशासित निवेश की आदतें विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव हैं। उन्होंने युवाओं को आर्थिक रूप से जागरूक बनने के लिए प्रेरित किया।
समापन पर संकायाध्यक्ष प्रो. अंशु यादव ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे उद्योग-शिक्षा संवाद विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और व्यावसायिक दक्षता को नई दिशा देते हैं।
कार्यक्रम का संचालन गौरी तथा संयोजन डॉ. विवेक सचान ने किया। इस अवसर पर डॉ. सुदेश श्रीवास्तव, डॉ. नीरज, मनीष सहित विभाग के शिक्षक, शोधार्थी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहीं। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप