रियासत कालीन परम्परा का निर्वहन के साथ मनाया जायेगा बस्तर गोंचा महापर्व : वेद प्रकाश पांडें
जगदलपुर, 14 जुलाई (हि.स.)। बस्तर गोंचा महापर्व काे लेकर आज मंगलवार काे आयाेजित प्रेस वार्ता में 360 घर आरण्यक ब्राम्हण समाज के अध्यक्ष वेद प्रकाश पांडें ने गोंचा महापर्व के संबध में जानकारी देते हुए बताया कि, शताब्दियाे पुरानी रियासतकालीन परम्परा
रियासत कालीन परम्परा का निर्वहन के साथ मनाया जायेगा बस्तर गोंचा महापर्व  - वेद


जगदलपुर, 14 जुलाई (हि.स.)। बस्तर गोंचा महापर्व काे लेकर आज मंगलवार काे आयाेजित प्रेस वार्ता में 360 घर आरण्यक ब्राम्हण समाज के अध्यक्ष वेद प्रकाश पांडें ने गोंचा महापर्व के संबध में जानकारी देते हुए बताया कि, शताब्दियाे पुरानी रियासतकालीन परम्परा का निर्वहन करते हुए इस वर्ष 29 जून से 25 जुलाई तक बस्तर गोंचा महापर्व का आयोजन कर रही है । 29 जून देव स्नान- चंदनजात्रा पूजा विधान साथ बस्तर गोंचा महापर्व का आगाज हो चुका है, भगवान जगन्नाथ केअनसर काल की समाप्ति के साथ 15 जुलाई को नेत्रोत्सव पूजा विधान में भगवान श्रीजगन्नाथ के दर्शन लाभ प्राप्त होगा।

16 जुलाई श्री गोंचा रथ यात्रा पूजा विधान के साथ भगवान जगन्नाथ माता सुभद्रा व बलभद्र स्वामी के 22 विग्रहों को तीन रथों पर रथारूढ़ कर परिकमा उपरांत जनकपुरी सिरहासार ( गुण्डिचा मंदिर ) में विराजित किये जायेगे, जहां अनवरत 9 दिनों तक श्रद्धालु भगवान के दर्शन का पुण्य लाभ प्राप्त करेगें । इसदौरान निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विविध पूजा विधान संपन्न किये जायेंगें । जनकपुरी गुण्डिचा मंदिर में सत्यनारायण कथा का श्रवण करने एवं विविध धार्मिक अनुष्ठान की परम्परा का निर्वहन के लिए पूरी व्यवस्था की गई है ।

उन्हाेने बताया कि, पर्व के दौरान प्रत्येक दिवस संध्या 7.30 बजे महाआरती के उपरांत भजन कीर्तन के साथ -साथ सांस्कृतिक आयोजन होगें, जिसमें स्थानीय एवं छ.ग. शासन सांस्कृतिक मंत्रालय के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों द्वारा भजन संध्या की प्रस्तुति होगी । समाज द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष 19 जुलाई को अंखड रामायण पाठ का आयोजन बनमाली पानीग्राही परिवार के द्वारा किया जायेगा। 20 जुलाई को हेरा पंचमी में माता लक्ष्मी की डोली के साथ नगर भ्रमण कर जनकपुरी में माता लक्ष्मी नारायण संवाद का कार्यक्रम होगा । उक्त दिवस को दोपहर में समाज के बुजुर्गों का सम्मान केसाथ-साथ भगवान श्रीजगन्नाथ को सलामी देने हेतु तुपकी बनाने वाले ग्रामीण तुपकीनिर्माताओं का भी सम्मान किया जावेगा । समाज के द्वारा बस्तर गोंचा पर्व के दौरान प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी 23 जुलाई को नि:शुल्क बटुकों का उपनयन कार्यक्रम संपन्न करवाया जावेगा । 24 जुलाई काे बाहुड़ा गोंचा रथ यात्रा के साथ भगवान श्रीजगन्नाथ का श्रीमंदिर वापसी एवं कपाट फेंड़ा पूजा विधान हाेगा । 25 जुलाई काे देवशयनी एकादशी के साथ बस्तर गोंचा महापर्व का परायण आगामी वर्ष के लिए हाे जावेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे