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कोलकाता, 14 जुलाई (हि.स.)। 30 लाख रुपये की ईंट लूट और तोड़फोड़ के आरोपों से जुड़े मामले में तृणमूल कांग्रेस के बीरभूम जिला अध्यक्ष अनुव्रत मंडल ने अब कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया है। गिरफ्तारी की आशंका के बीच मंगलवार को उन्होंने न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की पीठ में अग्रिम जमानत याचिका दायर की। इससे पहले निचली अदालत उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर चुकी है।
गत जून माह में बोलपुर निवासी शुभेंदु मंडल ने अनुव्रत मंडल समेत तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं के विरुद्ध पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का दावा है कि
वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद कंकालीतला ग्राम पंचायत के तत्कालीन उपप्रधान मामन शेख के नेतृत्व में करीब 200 लोग उनके ईंटभट्ठे पर पहुंचे थे। इस दौरान ईंटभट्ठे में तोड़फोड़ की गई, कर्मचारियों और श्रमिकों के साथ मारपीट की गई तथा लगभग 30 लाख रुपये मूल्य की ईंटें लूट ली गईं। इसके बाद उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी का समर्थक होने के कारण उन्हें इस प्रकार के हमले और उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। उनका यह भी दावा है कि उस समय पुलिस ने उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की थी। राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद उन्होंने अनुव्रत मंडल और अन्य आरोपितों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की पहल की।
इस मामले को लेकर अनुव्रत मंडल ने सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
उधर, विभिन्न आरोपों में गत रविवार को गिरफ्तार किए गए पूर्व पंचायत उपप्रधान मामन शेख पर दुष्कर्म, लूटपाट और भय प्रदर्शित करने सहित कई गंभीर आरोप हैं। सोमवार को जब उन्हें जिला अदालत में पेश किया गया, तब भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उन पर अंडे फेंके। इस दौरान अदालत परिसर में उनके साथ मारपीट की घटना भी सामने आई।
दूसरी ओर, अनुव्रत मंडल ने पहले सिउड़ी जिला अदालत में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी, लेकिन जिला अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद उन्होंने अब कलकत्ता उच्च न्यायालय की शरण ली है। मामले की सुनवाई पर राजनीतिक और कानूनी हलकों की नजर बनी हुई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता