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जयपुर, 13 जुलाई (हि.स.)। राजस्थान उच्च न्यायालय की ओर से प्रदेश में पंचायत और निकाय चुनाव कराने की समय सीमा निर्धारित करने को लेकर राज्य सरकार की ओर से हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र पेश किया है। प्रार्थना पत्र में नवंबर तक चुनाव नहीं करा पाने के कारण बताए गए हैं। वहीं दूसरी ओर मामले में संयम लोढ़ा की ओर से दायर अवमानना याचिका पर मंगलवार को हाईकोर्ट की खंडपीठ सुनवाई करेगी।
राज्य सरकार की ओर से समय बढाने के लिए दायर प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि प्रदेश में करीब पचास फीसदी आबादी ओबीसी वर्ग की है। ऐसे में उचित आरक्षण सुनिश्चित करना जरूरी है। ओबीसी आयोग ने 14 अगस्त, 2026 तक राजनीतिक आरक्षण रिपोर्ट पेश करने की सूचना दी है। ऐसे में सरकार विभिन्न श्रेणियों के आरक्षण का विवरण 31 अगस्त तक उपलब्ध करा सकेगी। प्रार्थना पत्र में कहा गया कि राज्य निर्वाचन आयोग ने गत 6 जुलाई को पत्र के जरिए सूचित किया है कि यदि आरक्षण का विवरण 31 अगस्त तक उपलब्ध करा दिया जाएगा तो विभिन्न वैधानिक प्रावधानों और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव चार चरण में और निकाय चुनाव दो चरण में कराने होंगे और इसमें कुल 90 दिन का समय लगेगा। प्रार्थना पत्र में कहा गया कि प्रदेश में करीब 14 हजार ग्राम पंचायतों और तीन सौ से अधिक नगर पालिकाओं के चुनाव होने हैं। ऐसे में संसाधनों को देखते हुए चरणबद्ध चुनाव कराना सही रहेगा। ग्राम पंचायत के चुनाव में 50 दिन और शहरी निकायों के लिए 40 दिन लगेंगे। अब तक स्थानीय निकायों का परिसीमन और मतदाता सूची संशोधन पूरा हो चुका है। ऐसे में चुनाव कराने के लिए उचित समय दिया जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / पारीक