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—14 दिन तक आराम के बाद प्रभु होंगे स्वस्थ,सफेद परिधान धारण करा फूलों से होगा भव्य श्रृंगार
वाराणसी, 13 जुलाई (हि.स.)। ज्येष्ठ माह के पूर्णिमा तिथि पर भक्तों के प्रेम में अत्यधिक स्नान (जलाभिषेक) से प्रतीक रूप से बीमार भगवान जगन्नाथ 14 दिनों तक आराम के बाद मंगलवार को स्वस्थ होकर अस्सी स्थित जगन्नाथ मंदिर में श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे। 14 दिन तक मंदिर में भगवान को काढ़ा का प्रसाद चढ़ता रहा। अन्तिम दिन सोमवार को भगवान को चढ़ाए गए काढ़े का प्रसाद पाने के लिए मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
मंदिर के पुजारी राधेश्याम पांडेय ने बताया कि आज अंतिम दिन भगवान को काढ़ा प्रसाद स्वरूप अर्पित किया गया। मंगलवार को सुबह 5:30 बजे भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के काष्ठ विग्रह का सफेद परिधान में शृंगार कर भव्य आरती की जाएगी। भगवान स्वस्थ होकर भक्तों को दर्शन देंगे। उनको प्रथम पथ्य परवल का जूस भोग लगाया जाएगा। इसके पश्चात नाना प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाकर प्रभु को अर्पित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि एक पखवाड़े तक बीमार पड़ने के पश्चात 15 वें दिन भगवान पूर्ण रूप से स्वस्थ होकर सफेद परिधान धारण कर अपने भक्तों को दर्शन कर देंगे। बुधवार को भगवान डोली पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे, जिसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसके साथ ही 16 जुलाई से काशी की विश्वप्रसिद्ध तीन दिवसीय रथयात्रा मेले की शुरूआत भी होगी।
पुजारी पं. राधेश्याम पांडेय के अनुसार, इस बार प्रभु की डोली यात्रा खास होगी। भगवान जगन्नाथ के विग्रह डोली यात्रा में मलमल के कपड़े पर बैठेंगे। डमरू दल के साथ भक्त 108 ध्वज लहराते हुए प्रभु की अगुवाई में रथयात्रा मेले के लिए निकलेंगे। पहली बार पुरी के शंकराचार्य की परंपरा अनुसार पुरी पीठ की वाराणसी शाखा के साधु-संत डोली की सफाई और गंगाजल से पवित्र और पुष्पवर्षा करेंगे। इसके बाद प्रभु को मलमल के कपड़े पर आसीन कराया जाएगा। डोली को उठाने के लिए परंपरा अनुसार आठ कहार रहेंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी