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देवरिया, 13 जुलाई (हि.स.)। जिले के साइबर क्राइम थाना पुलिस ने सोमवार को
फर्जी बैंक खातों के जरिए साइबर ठगी की रकम का लेन-देन करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के पांच अपराधियों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से 8 मोबाइल फोन, 4 एटीएम कार्ड, एक सिम कार्ड, तीन आधार कार्ड (जिनमें 2 फर्जी), 4 बैंक पासबुक तथा 13 हजार 620 रुपये नकद बरामद किए हैं।
अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) आनंद कुमार पांडेय शनिवार को पुलिस लाइन स्थित प्रेक्षा गृह में पत्रकारों को बताया कि चीनी मिल ग्राउंड के पास से पांचों आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपितों में अमित कुमार गौतम, सुजीत उर्फ मुन्ना, अभिज्ञान प्रकाश, गौरव जायसवाल और आदर्श दूबे शामिल हैं। पुलिस ने सभी के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय भेज दिया।
उन्होंने बताया कि पूछताछ में सामने आया कि आरोपित लोगों से बैंक खाते खरीदते थे और उनमें देशभर में इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, सेक्सटॉर्शन समेत अन्य साइबर अपराधों से ठगी गई रकम मंगवाकर एटीएम और चेक के जरिए तुरंत निकासी कर लेते थे। इसके बाद कमीशन काटकर शेष रकम गिरोह के संचालकों को सौंप दी जाती थी। प्रत्येक बैंक खाते के बदले आरोपितों को 10 से 15 हजार रुपये तक कमीशन मिलता था। निकाली गई रकम का इस्तेमाल एजेंटों के माध्यम से क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने के लिए भी किया जाता था।
उन्होंने बताया कि जांच में यह भी पता चला कि एनसीआरपी और समन्वय पोर्टल पर इन संदिग्ध खातों से संबंधित 17 साइबर शिकायतें पहले से दर्ज हैं। बरामद दो फर्जी आधार कार्ड का उपयोग बैंक खाते खुलवाने और पहचान छिपाने के लिए किया जाता था। पुलिस आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
एएसपी ने बताया कि लोगों से अपील की है कि किसी भी लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक या बैंकिंग विवरण किसी अन्य व्यक्ति को न दें। ऐसा करना भी अपराध है और इसमें शामिल पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक