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जयपुर, 13 जुलाई (हि.स.)। प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों के विरोध में सोमवार को राजधानी जयपुर में हजारों छात्र-छात्राएं और युवा सड़कों पर उतरे। राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत 'रन अगेंस्ट पेपर लीक' नाम से पांच किलोमीटर मैराथन का आयोजन किया। इस दौरान प्रतिभागियों ने पारदर्शी एवं निष्पक्ष भर्ती परीक्षाओं की मांग करते हुए पेपर लीक की घटनाओं पर कड़ी कार्रवाई और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
मैराथन की शुरुआत राजस्थान विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार से हुई। प्रतिभागी अल्बर्ट हॉल तक दौड़े और वहां से वापस राजस्थान विश्वविद्यालय पहुंचकर दौड़ का समापन हुआ। पूरे मार्ग में छात्र-छात्राएं और एनएसयूआई कार्यकर्ता हाथों में बैनर एवं संदेश लिखी तख्तियां लेकर दौड़ते नजर आए। प्रतिभागियों ने प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग की।
इस कार्यक्रम में एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़, राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, विधायक मनीष यादव और विधायक शिखा मील बराला सहित कई जनप्रतिनिधि एवं संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
मैराथन को संबोधित करते हुए एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों युवाओं के सपनों को तोड़ा है। छात्र वर्षों तक मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन भ्रष्टाचार और लापरवाही के कारण उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य और देश की प्रतिभा के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि 'छात्रों की गूंज' अभियान का उद्देश्य केवल विरोध दर्ज कराना नहीं, बल्कि सरकार और संबंधित एजेंसियों को यह संदेश देना है कि युवा अब अपने भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं करेंगे। भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध प्रक्रिया सुनिश्चित होने तक एनएसयूआई का आंदोलन जारी रहेगा।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि देशभर के छात्रों में पेपर लीक को लेकर भारी आक्रोश है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक और भ्रष्टाचार के कारण उनकी मेहनत का फल कोई और ले जाता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर छात्रों की आवाज को मजबूत करने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है।
कार्यक्रम के समापन पर मैराथन के विजेताओं को नकद पुरस्कार एवं प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। एनएसयूआई ने कहा कि 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत आगे भी विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया जाएगा तथा शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग जारी रहेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश