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फर्रुखाबाद ,13 जुलाई (हि.स.)। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और विभिन्न बैराजों से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण जनपद में गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बढ़ते जलस्तर ने गंगा किनारे बसे गांवों और किसानों की चिंता बढ़ा दी है। नदी का तेज बहाव अब तटों से टकरा रहा है, जिससे कई स्थानों पर कटान भी तेज हो गई है।
सोमवार शाम करीब पांच बजे गंगा का जलस्तर बढ़कर 136 सेंटीमीटर दर्ज किया गया। पिछले 48 घंटों में जलस्तर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। लगातार बढ़ते पानी के कारण प्रसिद्ध पांचाल घाट की सात सीढ़ियां पूरी तरह जलमग्न हो चुकी हैं। गंगा का पानी पंडों के तख्तों तक पहुंच गया है, जिसके चलते घाट पर रहने वाले गंगा सेवकों और पंडों ने अपनी झोपड़ियां, पूजा सामग्री और अन्य सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है।
सिंचाई विभाग के अनुसार जलस्तर में अचानक आई तेजी का मुख्य कारण नरौरा बैराज से 67,201 क्यूसेक, बिजनौर बैराज से 59,688 क्यूसेक और हरिद्वार से 53,403 क्यूसेक पानी छोड़ा जाना है। इसके चलते आने वाले दिनों में गंगा का जलस्तर और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
उधर रामगंगा नदी में भी 10,375 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। फिलहाल रामगंगा का जलस्तर चेतावनी स्तर से नीचे है, लेकिन यदि बारिश और पानी छोड़ने का सिलसिला जारी रहा तो वहां भी जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो सकती है।
प्रशासन ने गंगा के किनारे रहने वाले लोगों, किसानों और पशुपालकों से सतर्क रहने की अपील की है। नदी के तेज बहाव के कारण तटवर्ती खेतों में कटान जारी है और हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। यदि जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की आवश्यकता पड़ सकती है। अपर जिलाधिकारी दिनेश सिंह का कहना है कि प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है।
हिन्दुस्थान समाचार / Chandrapal Singh Sengar