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पश्चिम मेदिनीपुर, १३ जुलाई (हि. स.)। जिले के मेदिनीपुर शहर में प्रथम श्रेणी के एक छात्र के साथ यौन उत्पीड़न का बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। इस घटना से आक्रोशित अभिभावकों ने सोमवार को स्कूल के मुख्य गेट को बंद कर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया और आरोपित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) पापिया सुल्ताना ने कहा, चूंकि पीड़ित एक बच्चा है, इसलिए हम इस संबंध में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं कर रहे हैं। पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर लिया है। स्कूल परिसर के सीसीटीवी फुटेज को जब्त कर उसकी जांच की जा रही है।
एसपी ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर स्कूल प्रशासन को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत प्राथमिक और उच्च प्राथमिक (पांचवीं कक्षा) के छात्रों के लिए अलग-अलग शौचालय निर्धारित करने, शौचालयों के बाहर निगरानी के लिए कैमरे लगाने और बच्चों की सहायता के लिए वहां एक अटेंडेंट नियुक्त करने को कहा गया है। साथ ही, स्कूल के सभी कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन (बैकग्राउंड चेक) अनिवार्य कर दिया गया है।
पीड़ित बच्चे की मां ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि मेरा छह साल का बेटा शुक्रवार को स्कूल गया था। घर लौटते समय उसने रोते हुए बताया कि लड़कों के शौचालय के प्रभारी (अटेंडेंट) ने दरवाजा बंद कर उसके साथ गलत हरकत की। गनीमत रही कि उसके दोस्त ने दरवाजा खटखटाया, जिससे उसकी जान बची।
पीड़िता की मां का आरोप है कि जब उन्होंने स्कूल के चांसलर /प्रिंसिपल से शिकायत की, तो उन्होंने आरोपित का पक्ष लिया और स्कूल की बदनामी का हवाला देकर पुलिस में शिकायत करने से रोका। इसके बाद अन्य अभिभावकों के सहयोग से पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई गई, जिसके बाद आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है।
अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने इस जघन्य अपराध पर कोई त्वरित कार्रवाई नहीं की, बल्कि कुछ शिक्षकों ने पीड़ित परिवार पर ही आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। इस अन्याय के खिलाफ एकजुट हुए अभिभावकों ने आरोपित को कड़ी सजा देने के साथ-साथ स्कूल के प्रिंसिपल को तुरंत पद से हटाने और असंवेदनशील टिप्पणी करने वाले शिक्षकों को बर्खास्त करने की मांग की है। पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता