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मध्य प्रदेश, 13 जुलाई (हि.स.)। जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने सोमवार को सिवनी जिले के उप तहसील कार्यालय उगली में बड़ी कार्रवाई करते हुए बाबू का कार्य संभाल रहे एक कोटवार को 1,500 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी ने एक प्रकरण समाप्त करने के एवज में 3,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी।
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक अंजुलता पटले ने बताया कि ग्राम सुरेखा खुर्द, पोस्ट जेवनारा, तहसील केवलारी निवासी रीना ठाकरे का अपने पड़ोसी से विवाद हुआ था। इस मामले में थाना उगली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 126(बी) और 135(3) के तहत रीना ठाकरे एवं उनके परिजनों के खिलाफ कार्रवाई कर इस्तगासा उप तहसील कार्यालय उगली में प्रस्तुत किया था।
आरोप है कि ग्राम पौड़ी का कोटवार कमलेश तनवीर, जो उप तहसील कार्यालय उगली में बाबू का कार्य भी देख रहा था, इस प्रकरण को समाप्त कराने के बदले रीना ठाकरे से 3,000 रुपये की रिश्वत मांग रहा था। इसकी शिकायत पीड़िता ने जबलपुर लोकायुक्त कार्यालय में की।
लोकायुक्त टीम ने शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें आरोपी द्वारा 1,500 रुपये रिश्वत की मांग की पुष्टि हुई। इसके बाद सोमवार 13 जुलाई को लोकायुक्त की टीम ने जाल बिछाकर कमलेश तनवीर को 1,500 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।
आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 एवं धारा 13(1)(क) तथा 13(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
इस कार्रवाई में लोकायुक्त निरीक्षक रेखा प्रजापति, निरीक्षक शशिकला मर्सकोले सहित जबलपुर लोकायुक्त की टीम शामिल रही।
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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक