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बक्सर, 13 जुलाई (हि.स.)।
कृषि विज्ञान केंद्र, लालगंज (बक्सर) में सोमवार को उपादान विक्रेताओं के लिए समेकित पोषक तत्व प्रबंधन विषय पर 15 दिवसीय प्रमाणपत्र प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
13 से 29 जुलाई तक चलने वाले इस प्रशिक्षण का उद्देश्य खाद एवं उर्वरकों के संतुलित उपयोग, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने संबंधी व्यावहारिक जानकारी देना है। यह कार्यक्रम भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना के निर्देशन में आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम का उद्घाटन जिला कृषि पदाधिकारी धर्मेन्द्र कुमार एवं कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक सह प्रमुख डॉ. देवकरन ने संयुक्त रूप से किया। डॉ. देवकरन ने कहा कि बढ़ती आबादी और प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन के कारण मृदा की उर्वरता बनाए रखना बड़ी चुनौती बन गया है। उन्होंने संतुलित उर्वरक उपयोग और समेकित पोषक तत्व प्रबंधन को समय की आवश्यकता बताया।
जिला कृषि पदाधिकारी धर्मेन्द्र कुमार ने कहा कि उपादान विक्रेताओं को पौधों के पोषक तत्वों की सही जानकारी होने से किसानों को उचित सलाह मिलेगी, जिससे उत्पादन बढ़ेगा और रासायनिक उर्वरकों का अनावश्यक प्रयोग कम होगा। विषय विशेषज्ञ हरिगोविन्द ने जैविक एवं प्राकृतिक खेती, हरी खाद तथा जैव उर्वरकों के उपयोग पर विशेष जोर दिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / Jitendra Mishra