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खूंटी , 13 जुलाई (हि.स.)। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बना हुआ है। शायद ही कोई ऐसी रात गुजरती हो, जब हाथियों का झुंड या अकेला हाथी किसी गांव में घुसकर जान-माल को नुकसान नहीं पहुंचाता हो। वन विभाग के प्रयासों के बावजूद हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
रविवार देर रात तोरपा प्रखंड के नीचुतपुर और उड़ीकेल महुआटोली गांव में एक जंगली हाथी ने जमकर उत्पात मचाया। जानकारी के अनुसार रात करीब 11 बजे हाथी उड़ीकेल महुआटोली गांव पहुंच गया और नेल्सन कोनगाड़ी के घर पर हमला कर दिया। हाथी ने मकान की अल्बेस्टर की छत, खिड़कियां और अन्य हिस्सों को तोड़कर बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। अचानक हाथी के गांव में घुसने से ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और लोग घरों से निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए। काफी देर तक मशाल, टॉर्च और शोर-शराबे के सहारे हाथी को गांव से बाहर निकालने का प्रयास किया गया। कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने हाथी को सुरक्षित वन क्षेत्र की ओर खदेड़ दिया, जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
पीड़ित नेल्सन कोनगाड़ी ने बताया कि हाथी के मकान को क्षतिग्रस्त करने से उन्हें लगभग 25 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने वन विभाग से क्षतिपूर्ति देने और प्रभावित परिवार की सहायता करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार हाथियों की आवाजाही बनी हुई है। फसलों के साथ-साथ अब मकानों को भी नुकसान पहुंच रहा है, जिससे लोगों में भय व्याप्त है। रात होते ही ग्रामीण पहरा देने को विवश हैं और कई परिवार पूरी रात जागकर बिताते हैं।
ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों के आतंक पर स्थायी समाधान निकालने, प्रभावित परिवार को शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराने और हाथियों को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर रखने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से लोगों में वन विभाग की कार्यशैली को लेकर भी नाराजगी देखी जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल मिश्रा