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कैथल, 13 जुलाई (हि.स.)। गांव सजूमा में पेयजल गुणवत्ता को लेकर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने निगरानी और जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। सोमवार को विभाग के मुख्य अभियंता टी.आर. पवार ने गांव का दौरा कर पेयजल आपूर्ति व्यवस्था, जल गुणवत्ता की निगरानी और विभागीय तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीणों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और सभी व्यवस्थाएं प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाएं।
विभाग के अनुसार गांव में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है। नियमित क्लोरीनेशन के साथ पानी के नमूनों की जांच कराई जा रही है। निरीक्षण के दौरान मिले दो-तीन निजी असुरक्षित पेयजल कनेक्शनों को तत्काल दुरुस्त कराया गया, जबकि वितरण प्रणाली में पाई गई तकनीकी कमियों को भी दूर कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की संयुक्त टीमें लगातार गांव के विभिन्न स्थानों से पानी के नमूने लेकर उनकी जांच कर रही हैं। वहीं पूरे गांव में मुनादी कराकर लोगों को सुरक्षित पेयजल के उपयोग, स्वच्छता और जलजनित बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभागीय टीमों ने गांव के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान पेयजल भंडारण टंकियों की सफाई करवाई गई और निर्धारित मानकों के अनुसार उनमें ब्लीचिंग पाउडर का प्रयोग कराया गया। साथ ही विद्यालयों में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
कार्यकारी अभियंता जगदीप दलाल ने बताया कि विभाग के रसायनज्ञ और उनकी टीम लगातार गांव में रहकर क्लोरीन स्तर सहित पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं प्रतिदिन गांव का दौरा कर व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं। संबंधित उपमंडल अभियंता, कनिष्ठ अभियंता और अन्य अधिकारी भी मौके पर तैनात हैं। इसके अलावा जिले के सभी ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटरों (बीआरसी) की ड्यूटी भी अगले आदेशों तक गांव सजूमा में लगाई गई है, जो घर-घर जाकर लोगों को जल संरक्षण, सुरक्षित पेयजल और स्वच्छता के प्रति जागरूक कर रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे