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शिमला, 13 जुलाई (हि.स.)। लगातार कई दिनों तक सक्रिय रहने के बाद हिमाचल प्रदेश में सोमवार को मानसून की रफ्तार कुछ धीमी पड़ती नजर आई। राज्य के कई हिस्सों में मौसम साफ रहा, कहीं बादल छाए रहे और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हुई। राजधानी शिमला में धूप खिलने से उमस महसूस की गई, जबकि मैदानी इलाकों में तापमान बढ़ने से गर्मी का असर भी बढ़ गया। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश में अगले चार दिनों तक रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है, लेकिन किसी भी जिले के लिए कोई अलर्ट या चेतावनी जारी नहीं की गई है। विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक मानसून अपेक्षाकृत धीमा रहेगा। हालांकि 18 और 19 जुलाई को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की संभावना के चलते येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों और यात्रियों से मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा करने और नदी-नालों के किनारे जाने से बचने की सलाह दी है।
बारिश घटी तो चढ़ा पारा, ऊना सबसे गर्म
मौसम विज्ञान केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार सोमवार को प्रदेश के औसतन अधिकतम तापमान में 1.1 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह सामान्य से 0.6 डिग्री अधिक रहा। ऊना सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 4.4 डिग्री की बढ़ोतरी के साथ 34.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मंडी और भुंतर में 34-34 डिग्री, सुंदरनगर में 33.6, बिलासपुर में 33, कांगड़ा में 32.8, हमीरपुर में 31.7, बरठीं में 31.6, सोलन में 30.5, नाहन में 30, शिमला में 27 और मनाली में 26 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। शिमला में दिन के तापमान में 3.5 डिग्री की बढ़ोतरी हुई और अधिकतम तापमान सामान्य से चार डिग्री अधिक रहा। बीते 24 घंटों में बिलासपुर के आरएल बीबीएमबी-1400 में सबसे अधिक 71 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा कसौली में 62, ओलिंडा में 60, धर्मपुर में 54.6, आरएल बीबीएमबी-1700 में 52, घमरूर में 51.6, नंगल डैम में 48.2, ब्रह्माणी में 42.4 और ऊना में 35.4 मिमी बारिश हुई।
भूस्खलन का असर बरकरार, कुल्लू में सबसे ज्यादा 38 सड़कें बंद, बिजली और पानी की सेवाएं भी प्रभावित
बारिश का दौर कमजोर पड़ने के बाद सड़कें खोलने और जरूरी सेवाएं बहाल करने का काम तेज किया गया है, लेकिन कई इलाकों में लोगों को अब भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार सोमवार को प्रदेश में 69 सड़कें बंद रहीं। इनमें सबसे अधिक 38 सड़कें कुल्लू में, 13 मंडी में, 6 सिरमौर में, 5 शिमला में, 4 कांगड़ा में, 2 ऊना में और 1 सड़क लाहौल-स्पीति में बंद है। प्रदेश में 13 बिजली ट्रांसफार्मर भी ठप हैं। इनमें कुल्लू के बंजार में 8, शिमला के चौपाल में 3 और मंडी के जोगिंद्रनगर में 1 ट्रांसफार्मर प्रभावित है। इसके अलावा 80 पेयजल योजनाएं बंद हैं। इनमें सिरमौर में 69, हमीरपुर में 8 और शिमला में 3 योजनाएं प्रभावित हैं। संबंधित विभागों की टीमें सड़कें खोलने, बिजली आपूर्ति बहाल करने और पेयजल योजनाओं को दोबारा चालू करने में जुटी हुई हैं।
एक सप्ताह में 25 भूस्खलन
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार 6 से 12 जुलाई के बीच प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भूस्खलन की 25 घटनाएं दर्ज की गईं। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल 17 जुलाई तक किसी बड़े मौसमीय खतरे की आशंका नहीं है, लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में रुक-रुक कर बारिश जारी रह सकती है। 18 और 19 जुलाई को भारी बारिश की संभावना के मद्देनजर येलो अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों से अतिरिक्त सतर्कता बरतने, पहाड़ी मार्गों पर यात्रा से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने तथा प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा