अजमेर में 13.06 लाख के जाली नोट बरामदगी मामले में आरोपी पांच दिन के पुलिस रिमांड पर
अजमेर, 13 जुलाई (हि.स.)। अजमेर में 13 लाख छह हजार रुपये के जाली नोटों की बरामदगी के मामले में गिरफ्तार आरोपी विक्रम जॉन को सक्षम न्यायालय ने पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर जाली नोटों के नेटवर्क, सप्लाई चेन और अ
The arrested accused had come in contact with a fake currency supplier through Instagram.


The arrested accused had come in contact with a fake currency supplier through Instagram.


अजमेर, 13 जुलाई (हि.स.)। अजमेर में 13 लाख छह हजार रुपये के जाली नोटों की बरामदगी के मामले में गिरफ्तार आरोपी विक्रम जॉन को सक्षम न्यायालय ने पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर जाली नोटों के नेटवर्क, सप्लाई चेन और अन्य आरोपियों के संबंध में जानकारी जुटा रही है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी इंस्टाग्राम के माध्यम से जाली नोट सप्लायर के संपर्क में आया था।

जिला पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने मामले की जांच दरगाह थानाधिकारी दिनेश जीवनानी को सौंपी है। पुलिस रिमांड मिलने के बाद दरगाह थाना पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि जाली नोट कहां तैयार किए गए, इन्हें किसे सप्लाई किया जाना था और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोग कौन हैं। उन्हाेंने कहा कि मामले का खुलासा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित भी किया। उन्होंने अपने कार्यालय में हेड कांस्टेबल प्रदीप सिंह और कांस्टेबल एफसी राजेश को प्रशस्ति पत्र देकर उनकी सराहना की।

उल्लेखनीय है कि 12 जुलाई को मुखबिर की सूचना पर थाना गंज पुलिस ने विक्रम जॉन पुत्र हितसमल निवासी प्रिंस हिल कॉलोनी, बड़ी नागफणी, थाना गंज को घी मंडी स्थित राजकीय विद्यालय के पास से गिरफ्तार किया था। सूचना थी कि आरोपी किसी व्यक्ति को जाली नोट सौंपने के लिए वहां इंतजार कर रहा है। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे हिरासत में लिया और तलाशी के दौरान उसके बैग से 500-500 रुपये के 2,612 जाली नोट बरामद किए, जिनकी कुल कीमत 13 लाख छह हजार रुपये है। सभी नोट जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी जाली नोटों के संबंध में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 178, 179 एवं 180 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

जांच अधिकारी दिनेश जीवनानी ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया है कि वह इंस्टाग्राम के माध्यम से एक व्यक्ति के संपर्क में आया था, जिसके जरिए उसे जाली नोट और नोटों की शीट उपलब्ध कराई गई थीं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी इससे पहले जाली नोट बाजार में चला चुका है या नहीं तथा इन्हें किसे सौंपने वाला था। मामले में पूरे नेटवर्क की गहन जांच जारी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष