Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

-150 नावें, 37 मेडिकल और 21 पशु चिकित्सा टीमें तैयार, बाढ़ से निपटने की पूरी रणनीति
-राहत सामग्री से लेकर 24 घंटे कंट्रोल रूम तक तैयार, बाढ़ को लेकर प्रशासन की पूरी तैयारी
अयोध्या, 13 जुलाई (हि.स.)।
जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। जिले की तीन तहसीलों (सदर, रुदौली और सोहावल) के 18 गांव बाढ़ से प्रभावित होते हैं। इन गांवों की सुरक्षा के लिए 14 बाढ़ शरणालय और 10 बाढ़ चौकियां सक्रिय की गई हैं। इसके अलावा जल पुलिस ने 150 नावों को चिन्हित किया है, जो बाढ़ के दौरान बचाव कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री और लंच पैकेट के वितरण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
जिला आपदा विशेषज्ञ अधिकारी यथार्थ तिवारी ने बताया कि, पिछले साल अयोध्या में बाढ़ ने 14 गांवों को प्रभावित किया था। इस बार बाढ़ का असर कम रहने की संभावना जताई जा रही है, फिर भी प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। सोहावल तहसील का माझा कला गांव, रुदौली तहसील का कैथी माझा और सदर तहसील के पूराबाजार के निचले इलाके बाढ़ की चपेट में सबसे ज्यादा आते हैं। इन क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है।
प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। रुदौली के कैथी माझा और सदर के पूराबाजार जैसे संवेदनशील इलाकों में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बाढ़ शरणालयों में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती है, ताकि प्रभावित लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
उन्हाेंने बताया कि बाढ़ प्रभावित लोगों को त्वरित राहत उपलब्ध कराने के लिए राहत सामग्री और लंच पैकेट की टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जिला प्रशासन ने बाढ़ चौकियों पर राजस्व कर्मियों और लेखपालों की तैनाती कर दी है, जो लगातार हालात पर नजर रखेंगे। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय रहेगा। इसके अलावा होमगार्ड सहित अन्य आवश्यक कर्मियों की भी तैनाती सुनिश्चित कर दी गई है, ताकि बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर प्रभावित लोगों तक तत्काल राहत एवं बचाव कार्य पहुंचाया जा सके। सीएमओ ने 37 चिकित्सा टीमें और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने 21 टीमें तैनात करने का निर्णय लिया है। ये टीमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं और पशुओं की देखभाल सुनिश्चित करेंगी।
उल्लेखनीय है कि बाढ़ से निपटने की तैयारियों का जायजा लेने के लिए 5 जून को जिले की तीनों तहसीलों सदर, रुदौली और सोहावल में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। सोहावल के आदर्श बाढ़ शरणालय पर विशेष प्रदर्शन रहा, जिसमें बचाव और राहत कार्यों की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया। इस दौरान यह भी देखा जाएगा कि आठ घंटे के भीतर गांवों को खाली कराने की क्षमता कितनी है। सदर तहसील में मुनादी कराकर लोगों को जागरूक किया गया, ताकि वे बाढ़ की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर पहुंच सकें।
----------------------
हिन्दुस्थान समाचार / पवन पाण्डेय