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अनूपपुर, 13 जुलाई (हि.स.)। डॉक्टर भगवान तो नहीं लेकिन भगवान से कम भी नहीं वाली कहावत रविवार की देर रात जिला चिकित्सालय में प्रत्यक्ष रूप से देखने को मिली, जहां बैल बांधते समय एक अधेड़ पर बैल ने हमला कर गंभीर रूप से घायल किए जाने पर पेट फटने से अंदर की पूरी आंते बाहर आ गई। सूचना पर चिकित्सक सर्जन साकेत कौशिक देर रात चिकित्सालय पहुंचकर पीड़ित का उपचार किए जाने से जान बच सकी।
जानकारी के अनुसार, जैतहरी तहसील एवं थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत गौरेला निवासी 50 वर्षीय बहादुर सिंह गोंड रविवार की शाम घर के गौशाला में पालतू बैल को बांध रहे थे तभी अचानक बैल ने हमला कर दिया जिससे बैल की सींग बहादुर के पेट में घुसने से पेट के अंदर की पूरी आंत बाहर आ गई। घटना की जानकारी मिलने पर पूर्व जनपद सदस्य फुंदेलाल सिंह ने जिला मुख्यालय अनूपपुर के सामाजिक कार्यकर्ता शशिधर अग्रवाल एवं जैतहरी बीएमओ डॉक्टर मोहन सिंह श्याम को घटना की जानकारी देते हुए मरीज को एंबुलेंस से जिला चिकित्सालय लाया गया, ड्यूटी डॉक्टर हिमांशु पांडेय एवं शशिधर अग्रवाल की सूचना पर सर्जन डां. कौशिक साकेत कौशिक देर रात जिला चिकित्सालय पहुंचकर 2 घंटे की निरंतर मेहनत करते हुए मरीज के पेट से बाहर निकले आंतो को पूरी तरह अंदर करते हुए कई टाके लगाकर नया जीवन दिया।
चिकित्सक साकेत कौशिक ने बताया कि मरीज को बैल ने सींग से मार कर पेट से आंत बाहर कर इिसा था जिसकी सुचना पर रात्रि में ही शल्य चिकित्सा कर दिया गया हैं अब मरीज की हालत बेहतर हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला