लगातार वर्षा से गंगरेल समेत चार बांधों में बढ़ा जलभराव
-लगातार वर्षा से लबालब होने लगे महानदी परियोजना के जलाशय धमतरी, 12 जुलाई (हि.स.)। धमतरी जिले में लगातार हो रही मानसूनी वर्षा का असर अब महानदी परियोजना के प्रमुख जलाशयों में साफ दिखाई देने लगा है। गंगरेल (रविशंकर सागर), मुरूमसिल्ली, दूधावा और सोंढू
गंगरेल (रविशंकर सागर) का विहंगम दृश्य।


-लगातार वर्षा से लबालब होने लगे महानदी परियोजना के जलाशय

धमतरी, 12 जुलाई (हि.स.)। धमतरी जिले में लगातार हो रही मानसूनी वर्षा का असर अब महानदी परियोजना के प्रमुख जलाशयों में साफ दिखाई देने लगा है। गंगरेल (रविशंकर सागर), मुरूमसिल्ली, दूधावा और सोंढूर बांध में लगातार जल आवक होने से जलस्तर में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इससे न केवल सिंचाई व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद बढ़ी है, बल्कि पेयजल आपूर्ति और जल संरक्षण के लिहाज से भी यह राहतभरी खबर मानी जा रही है।

जल संसाधन विभाग द्वारा जारी ताजा प्रतिवेदन के अनुसार चारों जलाशयों में लगातार पानी पहुंच रहा है और यदि मानसून की यही रफ्तार बनी रही तो आने वाले दिनों में जलभराव और बेहतर स्थिति में पहुंच सकता है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जलाशयों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि आवश्यकता पड़ने पर समय रहते जल प्रबंधन संबंधी निर्णय लिए जा सकें।

महानदी परियोजना के सबसे बड़े जलाशय रविशंकर सागर (गंगरेल) का पूर्ण जलभराव स्तर 347.75 मीटर निर्धारित है। वर्तमान में इसका जलस्तर 343.75 मीटर दर्ज किया गया है, जो लगातार बढ़ती जल आवक का संकेत है। जलाशय में लगभग 399.81 मिलियन घनमीटर, अर्थात करीब 74.68 प्रतिशत लाइव स्टोरेज उपलब्ध है। पिछले 24 घंटों के दौरान भी जलाशय में लगातार पानी पहुंचता रहा, जिससे इसके जलस्तर में और वृद्धि दर्ज की गई। यह स्थिति खरीफ फसलों की सिंचाई के साथ-साथ जिले की दीर्घकालीन पेयजल व्यवस्था के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

मुरूमसिल्ली जलाशय में भी वर्षा का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है। यहां वर्तमान जलस्तर 423.21 मीटर दर्ज किया गया है तथा लगभग 206.66 मिलियन घनमीटर, यानी 72.74 प्रतिशत लाइव स्टोरेज उपलब्ध है। लगातार हो रही बारिश के कारण इस जलाशय में भी जल आवक बनी हुई है, जिससे जल संग्रहण क्षमता लगातार बढ़ रही है।

वहीं दुधावा जलाशय का जलस्तर 1388.48 मीटर रिकार्ड किया गया है, जहां लगभग 137.98 मिलियन घनमीटर जल संग्रहित है। इसी तरह सोंढूर जलाशय का वर्तमान जलस्तर 468.30 मीटर दर्ज किया गया है और इसमें लगभग 137.89 मिलियन घनमीटर पानी संग्रहित है। दोनों जलाशयों में भी लगातार पानी पहुंच रहा है, जिससे इनके जलभराव में निरंतर वृद्धि हो रही है।

जल संसाधन विभाग का मानना है कि सक्रिय मानसून के चलते महानदी परियोजना के सभी प्रमुख और मध्यम जलाशयों में आने वाले दिनों में जलस्तर और बढ़ने की पूरी संभावना है। पर्याप्त जल संग्रहण होने से खरीफ सीजन में किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने में सुविधा होगी, वहीं शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों की पेयजल आवश्यकताओं की पूर्ति भी सुचारु रूप से हो सकेगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जलाशयों की हर गतिविधि पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और परिस्थितियों के अनुरूप जल प्रबंधन की रणनीति अपनाई जाएगी, ताकि जल संसाधनों का अधिकतम और संतुलित उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा