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कोलकाता, 12 जुलाई (हि.स.)।
कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के दूसरे रनवे के विस्तार की दिशा में लंबे समय से लंबित परियोजना अब आगे बढ़ती दिखाई दे रही है। एयरपोर्ट के हाई सिक्योरिटी ऑपरेशनल क्षेत्र में स्थित करीब 136 वर्ष पुरानी गौरीपुर जामा मस्जिद (बांकरा मस्जिद) को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार , यह कदम विमान सुरक्षा, उड़ान संचालन और भविष्य में रनवे विस्तार को ध्यान में रखते हुए उठाया जा रहा है।
गौरीपुर जामा मस्जिद, जिसे बांकरा मस्जिद के नाम से भी जाना जाता है, लगभग 136 वर्ष पुरानी है। जब इसका निर्माण हुआ था, तब यह क्षेत्र खुला इलाका था। बाद में एयरपोर्ट के विस्तार के साथ यह मस्जिद एयरपोर्ट के हाई सिक्योरिटी ऑपरेशनल क्षेत्र के भीतर आ गई। पिछले करीब 30 वर्षों से इसके स्थानांतरण को लेकर समय-समय पर चर्चा होती रही, लेकिन अब पहली बार इस दिशा में प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया तेज होती दिखाई दे रही है।
विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, मस्जिद की वर्तमान स्थिति के कारण पायलटों को लैंडिंग के दौरान विजुअल इल्यूजन जैसी तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। यही वजह है कि कोलकाता एयरपोर्ट के दूसरे रनवे के विस्तार की योजना लगभग तीन दशकों से अटकी हुई थी।
स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू होने के बाद रविवार से ही एयरपोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। सुबह की नमाज के लिए पहुंचे लोगों को मस्जिद परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। बाद में भी पहुंचने वाले लोगों को अंदर नहीं जाने दिया गया। स्थिति को देखते हुए पुलिस बल और अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई। मस्जिद में प्रवेश के लिए जारी किए जाने वाले विशेष एंट्री पास भी फिलहाल बंद कर दिए गए हैं।
अब तक नमाजियों को जैसोर रोड स्थित प्रवेश द्वार पर सीआईएसएफ द्वारा पहचान पत्र और सुरक्षा जांच के बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी की विशेष बसों से मस्जिद तक ले जाया जाता था। प्रतिदिन तीन शिफ्ट में चार-चार बसों का संचालन होता था, लेकिन शनिवार से इस व्यवस्था को भी अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।
शनिवार देर शाम उत्तर 24 परगना जिला अधिकारी कार्यालय में जिला प्रशासन, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई), स्थानीय विधायक और मस्जिद कमेटी के प्रतिनिधियों के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में मस्जिद के स्थानांतरण की आवश्यकता और संभावित विकल्पों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारियों और निरीक्षण दल ने मस्जिद परिसर का दौरा किया। एयरपोर्ट सुरक्षा समिति ने भी इस विषय पर अलग से आपात बैठक की।
एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, मस्जिद दूसरे रनवे से करीब 165 मीटर की दूरी पर स्थित है, जबकि सुरक्षा मानकों के अनुसार रनवे से किसी भी स्थायी संरचना की न्यूनतम दूरी 240 मीटर होनी चाहिए। मस्जिद की मौजूदगी के कारण रनवे के टचडाउन प्वाइंट को 88 मीटर दक्षिण की ओर स्थानांतरित करना पड़ा था। इससे बड़े विमानों के संचालन और कम दृश्यता वाले मौसम में उड़ानों के संचालन में भी बाधा आती रही है।
कोलकाता एयरपोर्ट के निदेशक विक्रम सिंह ने कहा कि एयरपोर्ट परिसर के भीतर मस्जिद की मौजूदगी लंबे समय से सुरक्षा और उड़ान संचालन के लिहाज से चिंता का विषय रही है। हालिया बैठकों में सभी पक्षों के साथ सकारात्मक चर्चा हुई है और एयरपोर्ट प्रशासन को उम्मीद है कि सहमति के आधार पर इस मुद्दे का समाधान निकलेगा। उन्होंने कहा कि मस्जिद के स्थानांतरण के बाद दूसरे रनवे के विस्तार और एयरपोर्ट के भविष्य के विकास कार्यों को गति मिलेगी।
स्थानीय विधायक सौरभ सिकदर भी शनिवार को मौके पर पहुंचे और मस्जिद कमेटी तथा स्थानीय लोगों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि नमाज के लिए आने वाले अधिकांश लोगों ने इस पहल पर सकारात्मक रुख दिखाया है। विधायक ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने, अफवाहों से बचने और किसी भी तरह की उकसावे वाली गतिविधियों में शामिल नहीं होने की अपील की।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा