काकभुशुण्डि जी की प्रतिमा-प्रकरण: सत्य की विजय और झूठे आरोपों का सामाजिक दायित्व
-सुमित गर्ग
सूचना आई कि काकभुशुण्डि जी “गुम” हो गए हैं। कुछ ही दिनों बाद स्पष्ट हुआ कि वे मिल गए। सत्य यह है कि इसमें आश्चर्य जैसी कोई बात थी ही नहीं — जो अजर हैं, जो अमर हैं, वे भला “गुम” कैसे हो सकते थे? जो स्वयं भगवान शिव के प्रिय शिष्य हैं और
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