देवकी की पीड़ा और न्यायिक मर्यादा : क्या ऐसी उपमाएं न्याय की गरिमा बढ़ाती हैं?
-कैलाश चन्द्र
भारतीय न्यायपालिका केवल कानून का व्याख्याकार नहीं, बल्कि संविधान की आत्मा और समाज के विश्वास की संरक्षक भी है। कोर्ट के निर्णय जितने महत्त्वपूर्ण होते हैं, उतनी ही महत्त्वपूर्ण होती है उनकी भाषा। न्यायिक आदेशों में प्रयुक्त प्रत्येक
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