मेदिनीपुर मेडिकल में एक्सपायरी सलाइन विवाद, पांच कर्मियों को कारण बताओ नोटिस
मेदिनीपुर, 11 जुलाई (हि.स.)। पश्चिम मेदिनीपुर जिले के मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक रोगी को कथित रूप से अवधि समाप्त (एक्सपायरी) सलाइन चढ़ाए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच तेज करते हुए पांच कर्मचार
मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज


मेदिनीपुर, 11 जुलाई (हि.स.)। पश्चिम मेदिनीपुर जिले के मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक रोगी को कथित रूप से अवधि समाप्त (एक्सपायरी) सलाइन चढ़ाए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच तेज करते हुए पांच कर्मचारियों एवं अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। मामले को लेकर राज्यभर में स्वास्थ्य सेवाओं और अस्पतालों में दवा प्रबंधन व्यवस्था पर प्रश्न उठने लगे हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मेदिनीपुर शहर के विद्यासागर पल्ली निवासी मानसी दे गत पांच जून से विभिन्न शारीरिक समस्याओं के कारण मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती हैं। उनका उपचार अस्पताल के नये भवन स्थित महिला वार्ड में चल रहा था। उनके पुत्र विश्वजीत दे ने आरोप लगाया कि बुधवार सुबह अपनी मां से मिलने के दौरान उन्होंने देखा कि उनकी मां की तबीयत बिगड़ रही है और सीने में घबराहट हो रही है। इसके बाद उन्होंने सलाइन की बोतल की जांच की, जिसमें मार्च 2026 में उसकी अवधि समाप्त होने की तिथि अंकित थी।

आरोप है कि वही अवधि समाप्त सलाइन रोगिणी को चढ़ाई जा रही थी। मामले की जानकारी तत्काल अस्पताल प्रशासन को दी गई, जिसके बाद रोगिणी को दूसरे वार्ड में स्थानांतरित किया गया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में रोगियों और उनके परिजनों के बीच चिंता और आक्रोश का माहौल बन गया।

मामले पर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. इंद्रनील सेन ने स्वीकार किया कि अवधि समाप्त सलाइन लगाए जाने की बात सामने आई थी। हालांकि उन्होंने कहा कि सलाइन शुरू करने के कुछ समय बाद ही मामला पकड़ में आ गया और उसे तत्काल हटा दिया गया। उनके अनुसार रोगिणी की स्थिति फिलहाल स्थिर है और चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य भवन से एक प्रतिनिधि दल तथा जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय जांच समिति ने अस्पताल पहुंचकर विस्तृत जांच की। जांच दल ने सीसीयू में भर्ती रोगिणी और उनके पुत्र से बातचीत की। इसके साथ ही मेडिकल स्टोर कक्ष में सलाइन के भंडारण, आपूर्ति व्यवस्था और संबंधित अभिलेखों की भी जांच की गई।

जांचकर्ताओं ने अस्पताल प्रशासन, नर्सिंग अधीक्षक, संबंधित महिला वार्ड में कार्यरत नर्सों तथा उपचाररत चिकित्सक के बयान भी दर्ज किए। घटना के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा के बाद एक प्रारंभिक प्रतिवेदन तैयार कर स्वास्थ्य मंत्री तथा स्वास्थ्य भवन को सौंप दिया गया है। अंतिम जांच प्रतिवेदन के आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार रात इस मामले में पांच कर्मचारियों एवं अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। संबंधित व्यक्तियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि घटना के पीछे किसी स्तर पर लापरवाही, निगरानी में कमी अथवा प्रशासनिक त्रुटि तो नहीं हुई।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता