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मुंबई, 11 जुलाई (हि.स.)। महाराष्ट्र परिवहन विभाग ने हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट अनिवार्य किए जाने के बाद नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। एक जुलाई से शुरू हुई इस मुहिम में अभी तक 15,645 वाहनों की जांच की गई, जिनमें एचएसआरपी नंबर प्लेट न होने पर 6,718 वाहन मालिकों पर दंडात्मक कार्रवाई की गई है। इस दौरान करीब 8 लाख रुपए का जुर्माना वसूला गया है।
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि एचएसआरपी नंबर प्लेट न लगाने वाले वाहन चालकों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। वाहनों से जुड़े अपराधों पर अंकुश लगाने, सड़क पर दौड़ रहे वाहनों की तुरंत पहचान सुनिश्चित करने, नंबर प्लेट से छेड़छाड़ और फर्जीवाड़ा रोकने के उद्देश्य से हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट की योजना लागू की गई है। परिवहन विभाग ने अप्रैल 2019 से पहले निर्मित सभी वाहनों पर भी एचएसआरपी लगाना अनिवार्य किया था। इसके लिए तीन अधिकृत कंपनियों की नियुक्ति की गई है। विभाग-1 के लिए रोजमर्टा टेक्नोलॉजीज लिमिटेड, विभाग-2 के लिए रियल इंडस्ट्रीज लिमिटेड और विभाग-3 के लिए एफटीए एचएसआरपी सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को जिम्मेदारी सौंपी गई है। एचएसआरपी लगवाने की अंतिम तिथि 30 जून 2026 थी। इसके बाद 1 जुलाई से नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ पुलिस और परिवहन विभाग ने संयुक्त रूप से कार्रवाई शुरू कर दी। पहले दिन 154 वाहनों की जांच में 54 वाहन बिना एचएसआरपी मिले, जिन्हें चेतावनी देकर छोड़ा गया था। इसके बाद अभियान तेज कर दिया गया।
राज्य सरकार ने एचएसआरपी लगाने के शुल्क भी निर्धारित किए हैं। जीएसटी छोड़कर फिटमेंट शुल्क सहित दोपहिया वाहनों के लिए 450 रुपए, तिपहिया के लिए 500 रुपए, हल्के, मध्यम और भारी मोटर वाहनों के लिए 745 रुपए तय किए गए हैं। एचएसआरपी अनिवार्य किए जाने और बिना एचएसआरपी वाले वाहनों पर परिवहन विभाग की कार्रवाई तेज होने के बीच वाहन मालिकों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। एचएसआरपी लगवाने के लिए ऑनलाइन अपॉइंटमेंट पाने में करीब तीन सप्ताह का इंतजार करना पड़ रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार