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लखनऊ, 10 जुलाई (हि.स.)। द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), उत्तर प्रदेश राज्य केंद्र, लखनऊ में 'अल नीनो एवं वैश्विक जलवायु' विषय पर आयोजित तकनीकी व्याख्यान में जलवायु परिवर्तन, चरम मौसमीय घटनाओं और पर्यावरण संरक्षण पर विशेषज्ञों ने चर्चा की। बदलती वैश्विक जलवायु परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान, आधुनिक प्रौद्योगिकी, जनजागरूकता और सामूहिक प्रयास बेहद आवश्यक हैं। यह बातें शुक्रवार को प्रो. (डॉ.) भरत राज सिंह ने कहीं।
लखनऊ स्थित द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), उत्तर प्रदेश राज्य केंद्र में शुक्रवार को एल नीनो एवं वैश्विक जलवायु विषय पर तकनीकी व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अभियंताओं, शिक्षाविदों और विद्यार्थियों ने भाग लेकर जलवायु परिवर्तन और एल नीनो के प्रभावों पर विशेषज्ञों के विचार सुने।
मुख्य वक्ता प्रो. (डॉ.) भरत राज सिंह ने कहा कि एल नीनो प्रशांत महासागर के मध्य एवं पूर्वी हिस्से में समुद्री सतह के तापमान में असामान्य वृद्धि से उत्पन्न होने वाली प्राकृतिक जलवायु घटना है। इसके कारण वैश्विक वायुमंडलीय परिसंचरण प्रभावित होता है और भारत समेत कई देशों में वर्षा, तापमान, कृषि उत्पादन, जल संसाधनों तथा प्राकृतिक आपदाओं पर व्यापक असर पड़ता है। उन्होंने बताया कि भारत में एल नीनो के प्रभाव से दक्षिण-पश्चिम मानसून कमजोर पड़ सकता है, जिससे सूखे जैसी स्थिति, कृषि उत्पादन में कमी, जल संकट और खाद्य पदार्थों की कीमतों में वृद्धि जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन और चरम मौसमीय घटनाओं की बढ़ती चुनौतियों के बीच वैज्ञानिक अनुसंधान, आधुनिक तकनीक और सतत विकास की दिशा में ठोस प्रयास जरूरी हैं। साथ ही बदलती परिस्थितियों के अनुरूप प्रभावी नीतियां तैयार करने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने पर भी बल दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता आईईआई उत्तर प्रदेश राज्य केंद्र के अध्यक्ष वी.पी. सिंह ने की। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन आज पूरी दुनिया के सामने गंभीर चुनौती बन चुका है। ऐसे तकनीकी व्याख्यान अभियंताओं, वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों और विद्यार्थियों को समसामयिक वैज्ञानिक विषयों की जानकारी देने के साथ पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम का संचालन प्रो. जमाल नुसरत ने किया, जबकि अंत में मानद सचिव एन.के. निशाद ने अतिथियों, वक्ताओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप