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डूंगरपुर, 01 जुलाई (हि.स.)। राज्यसभा सांसद और भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने यमुना जल समझौते को ऐतिहासिक बताते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। बुधवार को बांसवाड़ा जाते समय डूंगरपुर पहुंचे सांसद पूनिया ने सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि वर्ष 1994 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भैरों सिंह शेखावत ने इस योजना की शुरुआत की थी। इसके बाद केंद्र, राजस्थान और हरियाणा में कई बार कांग्रेस की सरकारें रहीं, लेकिन उन्होंने इस महत्वाकांक्षी योजना को कभी लागू नहीं किया और कांग्रेस राज में इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। यह पहली बार है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, अमित शाह की मध्यस्थता और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रयासों से यह ऐतिहासिक समझौता मुमकिन हो पाया है। उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा उदारता दिखाते हुए राजस्थान के हितों का ध्यान रखने के लिए उनका भी आभार जताया।
सांसद पूनिया ने प्रोजेक्ट की जानकारी देते हुए बताया कि यह करीब 34,000 करोड़ रुपये की लागत वाली एक बेहद बड़ी और महत्वाकांक्षी योजना है। इसके तहत 300 किलोमीटर से अधिक लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जिससे शेखावाटी क्षेत्र को बहुत बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि शेखावाटी में भूजल स्तर काफी नीचे चला गया है, ऐसे में पाइप के जरिए यमुना का पानी पहुंचने से शुरुआत में पेयजल और आने वाले समय में सिंचाई के लिए भरपूर पानी की व्यवस्था सुनिश्चित होगी। पूनिया ने जोर देकर कहा कि यह समझौता देश के अन्य प्रदेशों के लिए भी एक बड़ी नजीर बनेगा कि किस प्रकार आपसी संतुलन बिठाकर जटिल जल विवादों को सुलझाया जा सकता है।
इससे पहले, सर्किट हाउस आगमन पर पूर्व मंत्री सुशील कटारा, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रभु पंड्या और सुरेश फलोजिया समेत कई भाजपा पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने सांसद पूनिया का सूत की माला और साफा पहनाकर गर्मजोशी से स्वागत किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष