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दमोह, 09 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के दमोह में मंगलवार सुबह वृद्धाश्रम में आत्मीयता, सम्मान और खुशियों का अनूठा वातावरण देखने को मिला, जब दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव अपनी पुत्री आस्था यादव के साथ यहां पहुंचे और उनका जन्मदिन वृद्धजनों के बीच मनाया। इस अवसर पर उन्होंने वृद्धजनों के साथ समय बिताया, उनका आशीर्वाद प्राप्त किया तथा उनकी समस्याओं को सुनकर मौके पर ही समाधान की पहल भी की।
वृद्धाश्रम पहुंचने पर कलेक्टर प्रताप नारायण यादव एवं उनकी पुत्री आस्था यादव का वृद्धजनों ने आत्मीय स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान दोनों ने सभी बुजुर्गों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। इसके बाद उन्होंने अपने हाथों से वृद्धजनों को खीर एवं फल वितरित किए। विशेष बात यह रही कि कलेक्टर और उनकी पुत्री ने किसी औपचारिकता के बजाय परिवार के सदस्य की तरह सभी वृद्धजनों के साथ जमीन पर बैठकर भोजन किया तथा उनसे खुलकर बातचीत की।
कार्यक्रम के दौरान कई भावुक क्षण भी देखने को मिले। वृद्धाश्रम में रह रहीं अनेक बुजुर्ग महिलाओं ने कलेक्टर प्रताप नारायण यादव और आस्था यादव के सिर पर हाथ रखकर उन्हें आशीर्वाद दिया। कई महिलाएं उन्हें अपने बेटे और बेटी के समान स्नेह देती दिखाई दीं। इस दौरान कई बुजुर्गों की आंखें नम हो गईं, वहीं आस्था यादव भी उनसे मिलकर भावुक नजर आईं।
जन्मदिन समारोह के अवसर पर भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया गया। वृद्धजनों ने भक्ति गीतों के साथ जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। कई वृद्ध महिलाओं ने खुशी में नृत्य किया और पूरे परिसर में उत्सव जैसा वातावरण बन गया। आश्रम प्रबंधन से जुड़े लोगों के अनुसार लंबे समय बाद ऐसा अवसर आया जब सभी वृद्धजन एक साथ इतने प्रसन्न और उत्साहित दिखाई दिए।
इस अवसर पर कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि पूर्व में वृद्धाश्रम भ्रमण के दौरान उन्होंने कई बुजुर्गों, विशेषकर माताओं की भावनाओं को निकट से महसूस किया था। अनेक वृद्धजन अपने बच्चों और परिवार को याद कर भावुक हो जाते हैं। इसी अनुभव ने उन्हें अपनी पुत्री का जन्मदिन वृद्धाश्रम में मनाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि समाज में बुजुर्गों का सम्मान केवल एक संस्कार नहीं बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है। जिन माता-पिता ने हमें जीवन दिया, संस्कार दिए और संघर्षों के बीच हमारा भविष्य संवारा, उनके प्रति सम्मान और सेवा का भाव बनाए रखना प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है। उन्होंने उपस्थित वृद्धजनों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वे स्वयं को कभी अकेला न समझें और जिला प्रशासन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सदैव तत्पर रहेगा।
संवाद के दौरान कुछ वृद्धजनों ने पेंशन और बैंकिंग सेवाओं से संबंधित समस्याओं की जानकारी कलेक्टर को दी। इस पर उन्होंने तत्काल संबंधित अधिकारियों को बुलाकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। जिन वृद्धजनों की पेंशन आधार ई-केवाईसी संबंधी तकनीकी कारणों से प्रभावित हुई थी, उनके प्रकरणों का मौके पर परीक्षण कराया गया। एक वृद्ध महिला की लगभग नौ माह से बंद पड़ी पेंशन के मामले में भी अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
वृद्ध महिलाओं ने बैंक शाखाओं में आने-जाने में होने वाली कठिनाइयों और पर्याप्त सहयोग न मिलने की समस्या भी बताई। इस पर कलेक्टर ने बैंक अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक माह की 1 और 15 तारीख को बैंक प्रतिनिधि स्वयं वृद्धाश्रम पहुंचकर वृद्धजनों को पेंशन वितरण सहित अन्य आवश्यक बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों को सम्मानजनक और सरल तरीके से सभी सुविधाएं मिलना सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
कलेक्टर यादव ने इस अवसर पर युवाओं और आम नागरिकों से भी विशेष अपील की। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवन की व्यस्तताओं के बीच हमें अपने माता-पिता और बुजुर्गों के लिए समय निकालना चाहिए। बुजुर्गों का अनुभव समाज की अमूल्य धरोहर है और उनके आशीर्वाद से ही परिवार और समाज मजबूत बनते हैं।
वहीं अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए आस्था यादव ने कहा कि वृद्धजनों के बीच जन्मदिन मनाना उनके जीवन का सबसे यादगार अनुभव है। उन्होंने कहा कि यहां उपस्थित सभी बुजुर्गों ने उन्हें जिस स्नेह और आत्मीयता से आशीर्वाद दिया है, वह उनके लिए किसी भी उपहार से अधिक मूल्यवान है।
आस्था यादव ने कहा कि वह अक्सर अपने पिता को जरूरतमंद लोगों और बुजुर्गों की सहायता करते हुए देखती हैं, जिससे उन्हें समाज सेवा और मानवीय मूल्यों की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि माता-पिता को कभी अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। जिन्होंने हमें बचपन से संभाला, शिक्षित किया और जीवन में आगे बढ़ने का अवसर दिया, उनके प्रति सम्मान और सेवा का भाव जीवनभर बनाए रखना चाहिए।
कार्यक्रम के समापन पर वृद्धजनों ने कलेक्टर प्रताप नारायण यादव एवं आस्था यादव को शुभकामनाएं दीं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य और स्वस्थ जीवन की कामना की। पूरे आयोजन के दौरान वृद्धाश्रम में अपनत्व, सम्मान और पारिवारिक भावनाओं का वातावरण बना रहा।
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हिन्दुस्थान समाचार / हंसा वैष्णव