चंडीगढ़ में कैब चालकों की हड़ताल से आम लोग हुए परेशान, किराया बढ़ाने की मांग
चंडीगढ़, 08 जून (हि.स.)। चंडीगढ़ में अपनी मांगों को लेकर कैब ड्राइवरों ने सोमवार को सेक्टर-25 रैली ग्राउंड में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान ड्राइवरों ने प्रशासन के खिलाफ प्रतीकात्मक अर्थी निकालकर रोष जताया और नारेबाजी की। कैब चालकों ने कहा कि यद
ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ’ਚ ਹੜਤਾਲ ਦੌਰਾਨ ਕੈਬ ਡਰਾਈਵਰ।


चंडीगढ़, 08 जून (हि.स.)। चंडीगढ़ में अपनी मांगों को लेकर कैब ड्राइवरों ने सोमवार को सेक्टर-25 रैली ग्राउंड में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान ड्राइवरों ने प्रशासन के खिलाफ प्रतीकात्मक अर्थी निकालकर रोष जताया और नारेबाजी की। कैब चालकों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया, तो 16 जून को इससे भी बड़ा आंदोलन और हड़ताल की जाएगी।

कैब चालकों के अनुसार लगातार बढ़ रही महंगाई, ईंधन की कीमतों और वाहन रखरखाव के खर्च ने उनकी आर्थिक स्थिति को बेहद कमजोर कर दिया है। इसके बावजूद कैब किराए की दरों में लंबे समय से कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है, जिससे उनका गुजारा करना मुश्किल हो गया है।

चालकों ने कहा कि कई बार अपनी समस्याओं से प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। 16 जून को बड़े स्तर पर हड़ताल आयोजित कर प्रशासन पर दबाव बनाया जाएगा।

प्रदर्शनकारी कैब ड्राइवरों की प्रमुख मांगों में किराया दरों में संशोधन शामिल है। उनका कहना है कि वर्तमान किराया दरें वर्षों पुरानी हैं और मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार पर्याप्त नहीं हैं। ड्राइवरों ने मांग की कि कैब का न्यूनतम किराया 35 रुपये प्रति किलोमीटर निर्धारित किया जाए। वर्तमान में किराया 25 रुपये प्रति किलोमीटर है, जबकि सीएनजी के दाम करीब साढ़े 9 रुपये प्रति किलो बढ़ चुके हैं। ऐसे में वाहन की किस्त, बीमा, मेंटेनेंस, ईंधन और अन्य खर्चों को पूरा करना मुश्किल हो रहा है।

कैब ड्राइवर यूनियन के अध्यक्ष अमनदीप ने कहा कि मौजूदा किराया दरों पर काम करने से उनकी आय लगातार घट रही है और परिवार का खर्च चलाना कठिन हो गया है। आज पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। इसके अलावा वाहन के स्पेयर पाट्र्स, सर्विसिंग, बीमा और अन्य खर्चों में भी भारी वृद्धि हुई है। वहीं घरेलू जरूरतों का सामान भी पहले की तुलना में काफी महंगा हो चुका है। अमनदीप ने कहा कि हम दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है।

उन्होंने कहा कि शहर में सफेद नंबर प्लेट वाले निजी वाहनों को व्यावसायिक कैब सेवा के रूप में चलाया जा रहा है, जो नियमों के खिलाफ है। ऐसे वाहनों के कारण वैध कमर्शियल कैब ड्राइवरों का रोजगार प्रभावित हो रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / GURSHARAN SINGH