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जगदलपुर, 07 जून (हि.स.)। बस्तर के सुदूर वनांचलों में रहने वाले हजारों ग्रामीण परिवारों के लिए मानसून की पहली फुहार पड़ते ही बस्तर के जंगल से सबसे मंहंगी सब्जी फुटु (जंगली मशरूम), बोड़ा, बांस की करील (कोपलें) मिलने लगता है ।
ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह होते ही महिलाएं और बच्चे पारंपरिक टोकरियां लेकर जंगलों की ओर निकल पड़ते हैं। वहां से फुटु (जंगली मशरूम), बोड़ा, बांस की करील (कोपलें) एकत्र किए जाते हैं। यह ग्रामीणाें के भोजन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रिय हिस्सा है। यह खाद्य पदार्थ केवल उनके स्वाद का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण परिवारों की खाद्य सुरक्षा और पोषण की मजबूत ढाल भी हैं। फुटु और बोड़ा में उच्च प्रोटीन, विटामिन-बी और पोटैशियम की प्रचूर मात्रा हाेती है, वहीं बांस की करील में प्रचुर मात्रा में पोटैशियम, फाइबर और प्रोटीन मिलता है। जंगल से मिलने वाले यह उत्पाद ग्रामीणाें के न केवल पेट भरते हैं, बल्कि ग्रामीणों की आय का भी एक बड़ा जरिया हैं। बरसात के मौसम में मिलने वाला 'बोड़ा' बस्तर का सबसे महंगा वन उत्पाद माना जाता है, जिसकी कीमत शहरी बाजारों में 1500 रूपये प्रति किलो तक पहुंच जाती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे