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खुसरो बाग को ‘क्रांति बाग’ नाम देने का प्रस्ताव,पहली आजादी महोत्सव में शहीदों को नमन
प्रयागराज, 07 जून (हि.स.)। हमारे पूर्वजों ने देश की आन, बान और शान के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। हमें उनके त्याग और बलिदान से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए। यह बात रविवार को वर्ष 1857 की प्रथम स्वतंत्रता क्रांति की स्मृतियों को सहेजने और नई पीढ़ी को उससे परिचित कराने के उद्देश्य से खुसरो बाग में आयोजित पहली आजादी महोत्सव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने कहा।
उन्होंने कहा कि इलाहाबाद (वर्तमान प्रयागराज) को लगभग 10 दिनों तक अंग्रेजी शासन से मुक्त रखा जाना एक गौरवशाली ऐतिहासिक घटना है, जिस पर हम सभी को गर्व होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इतिहास को केवल एक दिन याद कर लेने से काम नहीं चलेगा, बल्कि उससे प्रेरणा लेकर स्वयं को एक जिम्मेदार और नैतिक नागरिक बनाने का संकल्प लेना होगा।
कार्यक्रम के संयोजक वीरेन्द्र पाठक ने बताया कि 6 जून 1857 को छठी नेटिव इन्फैंट्री बटालियन के सिपाही रामचंद्र के नेतृत्व में क्रांति का बिगुल फूंका गया था। इसके अगले दिन 7 जून को खुसरो बाग में क्रांतिकारियों ने स्वतंत्र सरकार की घोषणा की और मौलवी लियाकत अली के नेतृत्व में लगभग 10 दिनों तक शासन चलाया गया।
उन्होंने अंग्रेज अधिकारी कर्नल नील के दमन का उल्लेख करते हुए बताया कि उस समय के इलाहाबाद में बड़ी संख्या में भारतीयों को पेड़ों पर फांसी देकर मौत के घाट उतारा गया था।
वीरेन्द्र पाठक ने खुसरो बाग को क्रांति बाग के रूप में नामित किए जाने का प्रस्ताव रखा, जिसे उपस्थित लोगों ने ध्वनिमत से पारित किया। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि यहां 1857 की क्रांति से जुड़ी ऐतिहासिक जानकारी प्रदर्शित की जाए तथा खुसरो बाग को आधिकारिक रूप से क्रांति बाग घोषित किया जाए।
कार्यक्रम के प्रारंभ में पूर्व जीएम आशुतोष ने खुसरो बाग के बाहर सड़क पर 1857 के क्रांतिकारियों का मुख्यालय लिखे सूचना पट्ट लगाने की मांग रखी। उन्होंने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों का स्वागत किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रमोद शुक्ला ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन अनिल गुप्ता ने प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि भारत भाग्य विधाता संस्था क्रांतिकारी शहीदों के सम्मान और उनकी स्मृतियों को संरक्षित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
इस अवसर पर वी.के. सिंह ने क्रांति की स्मृति में सभी प्रतिभागियों को पौधे वितरित किए। पुलिस बैंड द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति धुनों से पूरा परिसर राष्ट्रभक्ति के भाव से गुंजायमान हो उठा।
कार्यक्रम में वी.के. मिश्र, प्रीति रावत, सुनीता मिश्रा, शशिकांत मिश्र, जगतनारायण, आनंद श्रीवास्तव, सी.एल. सिंह, नीरज अग्रवाल, रघुनाथ द्विवेदी, विनोद जायसवाल, राजकुमार केसरवानी, राजीव वर्मा, बेदी भाई, प्रदीप जायसवाल, विक्रम मालवीय, आरव भारद्वाज, अनुराग द्विवेदी, नीरज शर्मा, आशीष भट्ट, डॉ. शमशाद, हिमांशु राज, शम्स ताज, प्रवीण मिश्र, पुष्पराज सिंह तथा डॉ. जैदउल्लाह सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल