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-स्पर्श ध्यान चक्रों को दिलाती है ठंडी ऊर्जा का एहसास
प्रयागराज, 07 जून (हि.स)। उमस में शरीर ही नहीं, मन भी चिपचिपा हो जाता है। पसीना न सूखने से बेचैनी, चिड़चिड़ाहट और थकान बढ़ती है। स्पर्श ध्यान यानी टच एंड मेडीटेशन शरीर के तापमान को नहीं, गर्मी के अहसास को ठंडा करता है और 10 मिनट में हल्कापन महसूस होगा। उन्होंने उमस से निजात के लिए कई उपाय भी बताए।
उक्त विचार एसकेआर योग एवं रेकी शोध प्रशिक्षण और प्राकृतिक संस्थान प्रयागराज रेकी सेंटर पर रविवार को जाने-माने स्पर्श चिकित्सक सतीश राय ने स्पर्श ध्यान के निःशुल्क कार्यक्रम में लोगों को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किया।
उन्होंने बताया कि जब हम आंखें बंद कर स्पर्श ध्यान के माध्यम से अपने शरीर को छूते हैं, तो दिमाग को सिग्नल जाता है कि ‘सब ठीक है’। उमस में हमारा मणिपुर चक्र और हार्ट चक्र ओवरहीट हो जाते हैं। स्पर्श ध्यान से हम उन्हीं चक्रों पर ठंडी ऊर्जा भेजते हैं।
खुली हवा के शांत वातावरण में करें स्पर्श-ध्यानसतीश राय ने बताया कि 5 मिनट का स्पर्श ध्यान कहीं भी कर सकते हैं। किसी शांत जगह बैठकर आंखें बंद करें। तीन गहरी लम्बी सांस अपने स्वाधिष्ठान चक्र से लें। कल्पना करें कि हिमालय की बर्फीली हवा आपकी ओर आ रही है। शरीर के विभिन्न पॉइंट्स पर हथेली रखें, तीन बार गहरी सांस लें और मन में बोलें ‘मैं शीतल हूं’। दोनों हथेली अपने माथे पर रखें दिमाग की गर्मी, झुंझलाहट शांत, दोनों हाथ कनपटी पर-सिर का भारीपन गायब, गर्दन पीछे-हथेली गर्दन के जोड़ पर रखें, एसी से बाहर निकलने का झटका नहीं लगेगा। छाती के बीच हथेली हार्ट चक्र पर, हल्का दबाव घबराहट, बेचैनी रुकती है। हथेली नाभि पर रखें-पेट की गर्मी, एसिडिटी शांत अंत में अपनी दोनों हथेली रगड़ें, आंखों पर रखें। महसूस करें कि आंखों में ठंडक उतर रही है इसके पश्चात धीरे-धीरे आंख खोलें।
स्पर्श ध्यान मन को सिखाता है स्वीकार करनासतीश राय ने बताया स्पर्श-ध्यान करने से शरीर का तापमान 0.5 डिग्री तक कम हो जाता है। यह साइंस भी मानती है। इसका कोई साइड इफेक्ट आज तक नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि उमस आपको परेशान नहीं करती, उमस का विरोध परेशान करता है। स्पर्श-ध्यान शरीर को ‘स्वीकार और शीतल’ करना सिखाता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र