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किशनगंज, 07 जून (हि.स.)। कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम, निषेध एवं निवारण को लेकर सिविल कोर्ट किशनगंज में आंतरिक शिकायत समिति का पुनर्गठन किया गया है।
इस संबंध में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, किशनगंज द्वारा आदेश संख्या 96/2026 जारी किया गया है। जारी आदेश के अनुसार, माननीय उच्च न्यायालय, पटना के निर्देशों एवं कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध एवं निवारण) अधिनियम, 2013 की धारा 4(2) के आलोक में समिति का पुनर्गठन किया गया है। समिति के पूर्व सदस्य एवं तत्कालीन सिविल जज (जूनियर डिवीजन)-द्वितीय रणधीर कुमार के अन्य न्यायपालिका में स्थानांतरण के बाद यह पुनर्गठन किया गया है।
नई समिति में सिविल जज (वरिष्ठ प्रभाग)-प्रथम-सह-एसीजेएम-1 शारदा को अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं एसडीजेएम रोहित सिन्हा, सिविल कोर्ट की लिपिक सारिका आनंद तथा सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. फरजाना बेगम को सदस्य नामित किया गया है। आदेश में कहा गया है कि समिति प्रत्येक तीन माह पर बैठक आयोजित करेगी तथा अपनी रिपोर्ट प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को सौंपेगी।
इसके बाद रिपोर्ट को आवश्यक कार्रवाई एवं अवलोकन के लिए उच्च न्यायालय, पटना भेजा जाएगा। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कार्यालय से जारी ज्ञापन संख्या 1654-58, दिनांक 5 जून 2026 के माध्यम से समिति के सभी सदस्यों तथा सिविल कोर्ट किशनगंज के सिस्टम ऑफिसर को आदेश की प्रति प्रेषित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। न्यायालय प्रशासन का मानना है कि समिति के पुनर्गठन से कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं शिकायतों के त्वरित निवारण की व्यवस्था और अधिक प्रभावी होगी।
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह