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-शिक्षा को ग्रामीण स्तर तक मजबूत करेगी गोदाबरीश मिश्रा आदर्श विद्यालय योजना
भुवनेश्वर, 07 जून (हि.स.)। ओडिशा सरकार ने ‘गोदाबरीश मिश्रा आदर्श विद्यालय योजना’ के दूसरे चरण की शुरुआत कर राज्यभर में 204 नए आदर्श प्राथमिक विद्यालयों की आधारशिला रखी है।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस अवसर पर खोरधा जिले के जतनी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कुमराबस्ता स्थित लोकनाथ देव सरकारी उच्च विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में योजना का औपचारिक शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक पंचायत में एक मॉडल स्कूल स्थापित करना है, ताकि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार लाने और हर बच्चे को बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री माझी ने अपने संबोधन में कहा कि उनकी सरकार प्राथमिक शिक्षा प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने बताया कि “गोदाबरीश मिश्रा आदर्श प्राथमिक विद्यालय” योजना के तहत प्रथम चरण में 2,200 विद्यालयों के विकास के लिए व्यापक बजट का प्रावधान किया गया था। उसी क्रम में पहले चरण में 118 विद्यालयों की आधारशिला रखी गई थी, जबकि दूसरे चरण में 204 नए विद्यालयों का शिलान्यास किया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि यह योजना केवल एक सरकारी परियोजना नहीं है, बल्कि उनके व्यक्तिगत जीवन के अनुभवों और संघर्षों से जुड़ा एक विजन है। मुख्यमंत्री ने बताया कि एक साधारण आदिवासी परिवार से आने के कारण उन्होंने शिक्षा की चुनौतियों को करीब से देखा है, और यही अनुभव इस योजना की प्रेरणा बने। उन्होंने कहा कि यह पहल वातानुकूलित कक्षों की परिकल्पना नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर शिक्षा व्यवस्था को बदलने का एक ठोस प्रयास है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि विपक्ष में रहते हुए भी उन्होंने इस योजना को लेकर लगातार प्रयास किए, पत्राचार किया और विधानसभा में प्रस्ताव रखा था। उन्होंने कहा कि आज राज्यवासियों के विश्वास और भगवान जगन्नाथ के आशीर्वाद से यह योजना वास्तविक रूप ले रही है।
सरकार का कहना है कि वह केवल शिलान्यास तक सीमित नहीं है, बल्कि समयबद्ध तरीके से परियोजनाओं को पूरा कर उनके उद्घाटन पर भी ध्यान देती है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने पिपिली में प्रस्तावित चांदुआ हस्तशिल्प हब का उल्लेख करते हुए कहा कि यह परियोजना राज्य की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ कारीगरों के लिए नए अवसर और बाजार उपलब्ध कराएगी।
कार्यक्रम में स्कूल एवं जनशिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड, कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सरकार के अनुसार, दूसरे चरण के 204 विद्यालयों के जुड़ने से राज्य में आधुनिक शैक्षणिक संस्थानों के विकास की प्रक्रिया और तेज हो गई है, जिससे ग्रामीण शिक्षा प्रणाली को नई मजबूती मिलेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता महंतो