पटमदा में कार दुर्घटना के बाद बवाल, ग्रामीणों ने की चालक और उसके साथी की पिटाई
पूर्वी सिंहभूम, 07 जून (हि.स.)। पूर्वी सिंहभूम जिले के पटमदा थाना क्षेत्र के लोवाडीह गांव में रविवार को एक सड़क दुर्घटना के बाद तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। अनियंत्रित होकर एक जनरल स्टोर में घुसी कार के बाद ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा और उन्हों
दुर्घटना ग्रस्त कार और घायल चालक अरूप भंडारी , सुमित सिंह


पूर्वी सिंहभूम, 07 जून (हि.स.)। पूर्वी सिंहभूम जिले के पटमदा थाना क्षेत्र के लोवाडीह गांव में रविवार को एक सड़क दुर्घटना के बाद तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। अनियंत्रित होकर एक जनरल स्टोर में घुसी कार के बाद ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने कार चालक तथा उसके साथी की पिटाई कर दी। हालात इतने बिगड़ गए कि मौके पर पहुंची पुलिस को भी आक्रोशित ग्रामीणों के विरोध और धक्का-मुक्की का सामना करना पड़ा। घटना में कार चालक सहित दो लोग घायल हो गए हैं।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, परसुडीह के प्रमथनगर निवासी 25 वर्षीय अरूप भंडारी अपने पड़ोसी 39 वर्षीय सुमित सिंह के साथ कार से जमशेदपुर लौट रहे थे। आरोप है कि रास्ते में लावजोड़ा हाथीखेदा मंदिर के समीप उनकी कार की टक्कर एक बाइक से हो गई थी। इस घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद और मारपीट की स्थिति भी उत्पन्न हुई थी। हालांकि इस संबंध में पुलिस द्वारा जांच की जा रही है।

वहां से आगे बढ़ने के बाद कार लोवाडीह गांव पहुंची, जहां चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज गति से आ रही कार पहले सड़क किनारे लगे एक खंभे से टकराई और उसके बाद सीधे सुकु महतो की जनरल स्टोर में जा घुसी। हादसा इतना अचानक हुआ कि दुकान में मौजूद लोग संभल नहीं सके। सौभाग्य से दुकानदार और दुकान के आसपास खेल रहे दो बच्चे समय रहते हट गए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

दुर्घटना के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। लोगों ने कार में सवार अरूप भंडारी और सुमित सिंह को बाहर निकाल लिया और उनकी पिटाई कर दी। स्थानीय लोगों का आरोप था कि कार चालक लापरवाही से वाहन चला रहा था, जिसके कारण दुर्घटना हुई। मारपीट और दुर्घटना के दौरान अरूप भंडारी गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं, जबकि सुमित सिंह भी घायल हो गया।

घटना की सूचना मिलते ही पटमदा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। लेकिन ग्रामीणों का गुस्सा इतना अधिक था कि उन्होंने घायलों को तत्काल पुलिस के हवाले करने से इनकार कर दिया। इस दौरान सहायक अवर निरीक्षक प्रशांत कुमार जब दोनों घायलों को पुलिस वाहन में बैठाने का प्रयास कर रहे थे, तब कुछ लोगों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की। इतना ही नहीं, एक घायल युवक को पुलिस वाहन से उतारकर पास के पेड़ के नीचे बैठा दिया गया।

कुछ समय तक घटनास्थल पर तनावपूर्ण माहौल बना रहा। बाद में थाना प्रभारी विष्णुचरण भोगता ने ग्रामीणों और पीड़ित पक्ष से बातचीत की। उन्होंने आश्वासन दिया कि दुर्घटना से हुए नुकसान का आकलन कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी तथा पीड़ितों को न्याय दिलाने का प्रयास किया जाएगा। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए और स्थिति सामान्य हो सकी।

स्थिति नियंत्रित होने के बाद पुलिस ने दोनों घायलों को इलाज के लिए माचा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा। स्थानीय लोगों के अनुसार दुर्घटना में दुकान और अन्य संपत्तियों को मिलाकर लगभग 50 हजार रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।

पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। दुर्घटना के कारणों, कथित बाइक टक्कर, मारपीट और पुलिस के साथ हुई धक्का-मुक्की के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।------------

हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद पाठक