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जयपुर, 07 जून (हि.स.)। जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) शहर के सुनियोजित विकास के साथ-साथ अपनी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जनभागीदारी को बढ़ावा देने के लिए नई पहलें कर रहा है। जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि अब विभिन्न बैठकों में संबंधित आवेदकों और हितधारकों को भी आमंत्रित किया जा रहा है, ताकि उनकी आपत्तियों, समस्याओं और सुझावों को सीधे सुनकर त्वरित समाधान किया जा सके।
उन्होंने बताया कि संवाद आधारित इस पारदर्शी व्यवस्था के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। मई 2026 के दौरान जेडीए ने ले-आउट एवं बिल्डिंग प्लान से जुड़े कुल 65 प्रकरणों और परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। मई 2026 में आयोजित बीपीसी-एलपी समिति की बैठकों में कुल 58 प्रकरण प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 48 प्रकरणों को अनुमोदन दिया गया। स्वीकृत मामलों में पुनर्गठन एवं उपविभाजन के 13, आवासीय एकल भूखंड के 11, आवासीय योजनाओं के 7, गैर-आवासीय एकल भूखंड के 4 तथा अन्य श्रेणी के 13 प्रकरण शामिल हैं।
शहर में आवासीय एवं व्यावसायिक विकास को गति देने के उद्देश्य से बीपीसी-बीपी समिति ने मई माह में कुल 17 निर्माण परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की। इनमें 8 आवासीय, 4 संस्थागत, 2 मिश्रित उपयोग (मिक्स्ड यूज), 1 व्यावसायिक, 1 होटल तथा 1 रिसॉर्ट परियोजना शामिल है।
जेडीसी सिद्धार्थ महाजन ने कहा कि जेडीए का प्रयास है कि विकास कार्यों और स्वीकृति प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बनाए रखते हुए नागरिकों को अधिकतम सुविधा प्रदान की जाए। हितधारकों की सीधी भागीदारी से निर्णय प्रक्रिया अधिक प्रभावी और जवाबदेह बन रही है, जिससे विकास परियोजनाओं को समयबद्ध गति मिल रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश